हिन्दू व्रत एवं त्यौहार कैलेंडर 2025
2025 के सभी प्रमुख हिन्दू त्यौहार, व्रत, एकादशी, प्रदोष और शुभ मुहूर्त की सटीक तिथियां। वैदिक धर्मशास्त्र के अनुसार प्रामाणिक समय गणना।
✨ प्रमुख पर्व एवं व्रत मार्गदर्शिका 2025
📅 January 2025
1 पर्व एवं व्रतमकर संक्रांति (उत्तरायण)
महापर्वसूर्य देव का मकर राशि में प्रवेश एवं उत्तरायण का प्रारंभ। पावन नदियों में स्नान, तिल-गुड़ दान एवं सूर्य उपासना का महापुण्य पर्व।
📅 February 2025
2 पर्व एवं व्रतबसंत पंचमी (सरस्वती पूजा)
महापर्वज्ञान, विद्या एवं कला की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती का प्राकट्य दिवस एवं वसंत ऋतु का स्वागत। पीले वस्त्र एवं पीले पुष्प अर्पण का विधान।
महाशिवरात्रि
महापर्वमहाशिवरात्रि देवाधिदेव महादेव एवं माता पार्वती के पावन विवाह और तांडव नृत्य की महान रात्रि है। इस दिन चार प्रहर की पूजा एवं रुद्राभिषेक से समस्त पापों का नाश होता है।
📅 March 2025
1 पर्व एवं व्रतहोली एवं होलिका दहन
महापर्वहोलिका दहन भक्त प्रह्लाद की रक्षा और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। अगले दिन रंगों का महापर्व धुलंडी प्रेम और सौहार्द से मनाया जाता है।
📅 April 2025
3 पर्व एवं व्रतश्री राम नवमी
महापर्वचैत्र शुक्ल नवमी को मध्याह्न काल में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के पावन अवतरण का जन्मोत्सव। अखंड रामायण पाठ एवं हवन का विशेष विधान।
हनुमान जयंती
महापर्वचैत्र पूर्णिमा पर संकटमोचन महाबली श्री हनुमान जी का प्राकट्योत्सव। सिंदूर चोला, सुंदरकांड पाठ एवं बूंदी भोग का विशेष महत्व।
अक्षय तृतीया (आखा तीज)
महापर्ववैशाख शुक्ल तृतीया एक स्वयंसिद्ध अबूझ मुहूर्त है। इस दिन किया गया दान, जप, तप और स्वर्ण क्रय अक्षय (कभी समाप्त न होने वाला) फल प्रदान करता है।
📅 August 2025
3 पर्व एवं व्रतरक्षाबंधन (राखी)
महापर्वश्रावण पूर्णिमा पर भाई-बहन के पवित्र स्नेह और रक्षा के संकल्प का पावन पर्व। भद्रा काल त्यागकर राखी बांधी जाती है।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी
महापर्वभगवान श्री कृष्ण के मथुरा में अर्धरात्रि में हुए पावन प्राकट्य का जन्मोत्सव। लड्डू गोपाल का पंचामृत अभिषेक और माखन-मिश्री भोग अर्पित किया जाता है।
गणेश चतुर्थी (विनायक चतुर्थी)
महापर्वगणेश चतुर्थी विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव का पावन पर्व है। १० दिवसीय गणेशोत्सव में घर-घर बप्पा की स्थापना व मोदक भोग का विशेष विधान है।
📅 September 2025
1 पर्व एवं व्रतदुर्गा पूजा एवं शारदीय नवरात्रि
महापर्वदुर्गा पूजा एवं शारदीय नवरात्रि माँ दुर्गा द्वारा महिषासुर मर्दन और धर्म की अधर्म पर विजय का प्रतीक है। महाअष्टमी, महानवमी और संधि पूजा का विशेष आध्यात्मिक महत्व है।
📅 October 2025
8 पर्व एवं व्रतदशहरा (विजयादशमी)
महापर्वविजयादशमी असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का महापर्व है। इस दिन शमी पूजन, अपराजिता पूजन, रावण दहन एवं नए कार्यों की शुरुआत अत्यंत फलदायी मानी जाती है।
करवा चौथ सुहागिन महिलाओं द्वारा पति की दीर्घायु, स्वास्थ्य एवं अखंड सौभाग्य के लिए किया जाने वाला पावन निर्जला व्रत है। संध्या पूजन और चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है।
धनतेरस (धनत्रयोदशी)
महापर्वधनतेरस पर आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य हुआ था। इस दिन महालक्ष्मी, कुबेर देव और यम दीपदान से आरोग्य और अखंड समृद्धि की प्राप्ति होती है।
दीपावली (दिवाली)
महापर्वदीपावली प्रकाश का महापर्व है जो प्रभु श्री राम के १४ वर्षों के वनवास के पश्चात अयोध्या आगमन और सुख-समृद्धि, बुद्धि एवं मंगल हेतु माता महालक्ष्मी एवं भगवान श्री गणेश की आराधना का पावन दिन है।
काली पूजा (श्यामा पूजा)
महापर्वकार्तिक अमावस्या की महानिशा में माँ श्यामा काली का तांत्रिक एवं वैदिक पूजन। शत्रु बाधा, भय और नकारात्मक ऊर्जा के नाश हेतु विशेष फलदायी।
गोवर्धन पूजा (अन्नकूट)
महापर्वभगवान श्री कृष्ण द्वारा ब्रजवासियों की रक्षा हेतु गोवर्धन पर्वत धारण करने की स्मृति में मनाया जाने वाला अन्नकूट महापर्व। गौमाता पूजन का विशेष महत्व।
भाई दूज (यम द्वितीया)
महापर्वकार्तिक शुक्ल द्वितीया पर बहनों द्वारा भाइयों के मस्तक पर तिलक लगाकर उनकी दीर्घायु एवं मंगल की कामना का पावन पर्व।
छठ पूजा (सूर्य षष्ठी महापर्व)
महापर्वछठ पूजा सूर्य देव और षष्ठी मइया की आराधना का चार दिवसीय महापर्व है। इसमें ३६ घंटे का निर्जला व्रत, नहाय-खाय, खरना, अस्ताचलगामी सूर्य को संध्या अर्घ्य एवं उदीयमान सूर्य को प्रातः अर्घ्य दिया जाता है।
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