दुर्गा पूजा एवं शारदीय नवरात्रि 2025
दुर्गा पूजा एवं शारदीय नवरात्रि माँ दुर्गा द्वारा महिषासुर मर्दन और धर्म की अधर्म पर विजय का प्रतीक है। महाअष्टमी, महानवमी और संधि पूजा का विशेष आध्यात्मिक महत्व है।
🔱 धार्मिक महत्व एवं कथा
महाअष्टमी के दिन संधि पूजा का समय विशेष फलदायी माना जाता है, जिसमें देवी चामुंडा को १०८ कमल पुष्प एवं १०८ दीप समर्पित किए जाते हैं।
🪔 प्रामाणिक पूजा विधि
- प्रतिपदा तिथि को शुभ चौघड़िया या अभिजीत मुहूर्त में कलश एवं घटस्थापना करें और जौ (जवारे) बोएं।
- नवरात्रि के नौ दिनों तक नित्य नियमपूर्वक माँ दुर्गा का षोडशोपचार पूजन एवं श्री दुर्गा सप्तशती (चंडी पाठ) करें।
- महाअष्टमी अथवा महानवमी के दिन ९ कन्याओं और १ बटुक का पाद प्रक्षालन कर हलवा, पूरी एवं चने का भोग लगाकर कन्या पूजन करें।
- अष्टमी और नवमी के संधिकाल में १०८ कमल पुष्प एवं १०८ दीप प्रज्वलित कर महा संधि पूजा संपन्न करें।
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❓ दुर्गा पूजा एवं शारदीय नवरात्रि 2025 से जुड़े प्रमुख प्रश्न
वर्ष 2026 में माँ दुर्गा किस वाहन पर आ रही हैं?
वर्ष 2026 में माँ दुर्गा का आगमन हाथी (गज) पर हो रहा है क्योंकि घटस्थापना रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को है। विजयादशमी (मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026) को माता का प्रस्थान मुर्गा (चरणायुध) पर होगा।
वर्ष 2027 में माँ दुर्गा की सवारी क्या है?
वर्ष 2027 में माँ दुर्गा का आगमन पालकी (डोली) पर होगा क्योंकि घटस्थापना शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2027 को है। प्रस्थान रविवार, 10 अक्टूबर को भैंसे (महिष) पर होगा।
दुर्गा महाअष्टमी और संधि पूजा 2026 में कब है?
दुर्गा महाअष्टमी रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को है। अत्यंत फलदायी संधि पूजा का पावन समय 18 अक्टूबर को सायं 07:44 से रात्रि 08:32 तक रहेगा।
नवरात्रि 2026 में कन्या पूजन (कंजक) कब करें?
कन्या पूजन महाअष्टमी (रविवार, 18 अक्टूबर) अथवा महानवमी (सोमवार, 19 अक्टूबर 2026) के दिन प्रातः शुभ मुहूर्त में किया जाएगा।
वर्ष 2027 में दुर्गा पूजा कब है?
वर्ष 2027 में दुर्गा पूजा 1 अक्टूबर (घटस्थापना) से 10 अक्टूबर 2027 (विजयादशमी) तक मनाई जाएगी, जिसमें महाअष्टमी शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2027 को होगी।