🪔 शुभ तिथि एवं पूजा मुहूर्त

दुर्गा पूजा एवं शारदीय नवरात्रि 2027

📅 शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2027 🕉️ दुर्गा पूजा एवं शारदीय नवरात्रि

दुर्गा पूजा एवं शारदीय नवरात्रि माँ दुर्गा द्वारा महिषासुर मर्दन और धर्म की अधर्म पर विजय का प्रतीक है। महाअष्टमी, महानवमी और संधि पूजा का विशेष आध्यात्मिक महत्व है।

अन्य वर्ष: Durga 2025 Durga 2026 Durga 2028
🦁 माँ दुर्गा की सवारी एवं वाहन

माँ दुर्गा का वाहन 2027: किस सवारी पर आ रही हैं देवी माँ?

2027 में माँ दुर्गा का आगमन पालकी (डोली) की सवारी पर हो रहा है और प्रस्थान भैंसा (महिष) पर होगा।
🚩 आगमन की सवारी

पालकी (डोली)

वर्ष 2027 में माँ दुर्गा का आगमन पालकी (डोली) की सवारी पर होगा क्योंकि घटस्थापना शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2027 को है। देवी भागवत ('गुरौ शुक्रे च दोलायां') के अनुसार पालकी पर आगमन स्वास्थ्य के प्रति सजगता, सात्विक जीवनचर्या एवं भक्तिभाव का संदेश देता है।

🕊️ प्रस्थान / विदाई की सवारी

भैंसा (महिष)

विजयादशमी (रविवार, 10 अक्टूबर 2027) को माता का प्रस्थान भैंसे (महिष) पर होगा। विधिपूर्वक दुर्गा सप्तशती पाठ एवं कन्या पूजन से समस्त विघ्नों का शमन होता है।

📜 देवी भागवत महापुराण प्रमाण:

« शशिसूर्ये गजारूढ़ा शनिभौमे तुरंगमे। गुरौ शुक्रे च दोलायां बुधे नौका प्रकीर्तिता॥ »
परंपरा निर्देश: उत्तर भारतीय नवरात्रि में घटस्थापना (प्रतिपदा) के वार से आगमन और विजयादशमी के वार से प्रस्थान का निर्धारण होता है।

⏱️ दुर्गा पूजा एवं शारदीय नवरात्रि 2027 शुभ मुहूर्त एवं समय

घटस्थापना मुहूर्त
प्रातः 06:15 से प्रातः 08:24 तक (1 अक्टूबर)
अभिजीत मुहूर्त
प्रातः 11:46 से दोपहर 12:33 तक (1 अक्टूबर)
संधि पूजा
रात्रि 08:14 से रात्रि 09:02 तक (8 अक्टूबर)
महाअष्टमी तिथि
8 अक्टूबर प्रातः 07:35 से 9 अक्टूबर प्रातः 05:58 तक
महानवमी कन्या पूजन
9 अक्टूबर प्रातः 06:20 से प्रातः 10:10 तक
विजयादशमी मुहूर्त
दोपहर 01:54 से दोपहर 02:40 तक (10 अक्टूबर)

पर्व दिवस समय-सारणी

घटस्थापना 01 अक्टूबर 2027 (शुक्रवार)
महासप्तमी 07 अक्टूबर 2027 (गुरुवार)
महाअष्टमी 08 अक्टूबर 2027 (शुक्रवार)
महानवमी 09 अक्टूबर 2027 (शनिवार)
विजयादशमी 10 अक्टूबर 2027 (रविवार)

🔱 धार्मिक महत्व एवं कथा

महाअष्टमी के दिन संधि पूजा का समय विशेष फलदायी माना जाता है, जिसमें देवी चामुंडा को १०८ कमल पुष्प एवं १०८ दीप समर्पित किए जाते हैं।

🪔 प्रामाणिक पूजा विधि

  1. प्रतिपदा तिथि को शुभ चौघड़िया या अभिजीत मुहूर्त में कलश एवं घटस्थापना करें और जौ (जवारे) बोएं।
  2. नवरात्रि के नौ दिनों तक नित्य नियमपूर्वक माँ दुर्गा का षोडशोपचार पूजन एवं श्री दुर्गा सप्तशती (चंडी पाठ) करें।
  3. महाअष्टमी अथवा महानवमी के दिन ९ कन्याओं और १ बटुक का पाद प्रक्षालन कर हलवा, पूरी एवं चने का भोग लगाकर कन्या पूजन करें।
  4. अष्टमी और नवमी के संधिकाल में १०८ कमल पुष्प एवं १०८ दीप प्रज्वलित कर महा संधि पूजा संपन्न करें।
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❓ दुर्गा पूजा एवं शारदीय नवरात्रि 2027 से जुड़े प्रमुख प्रश्न

वर्ष 2026 में माँ दुर्गा किस वाहन पर आ रही हैं?

वर्ष 2026 में माँ दुर्गा का आगमन हाथी (गज) पर हो रहा है क्योंकि घटस्थापना रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को है। विजयादशमी (मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026) को माता का प्रस्थान मुर्गा (चरणायुध) पर होगा।

वर्ष 2027 में माँ दुर्गा की सवारी क्या है?

वर्ष 2027 में माँ दुर्गा का आगमन पालकी (डोली) पर होगा क्योंकि घटस्थापना शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2027 को है। प्रस्थान रविवार, 10 अक्टूबर को भैंसे (महिष) पर होगा।

दुर्गा महाअष्टमी और संधि पूजा 2026 में कब है?

दुर्गा महाअष्टमी रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को है। अत्यंत फलदायी संधि पूजा का पावन समय 18 अक्टूबर को सायं 07:44 से रात्रि 08:32 तक रहेगा।

नवरात्रि 2026 में कन्या पूजन (कंजक) कब करें?

कन्या पूजन महाअष्टमी (रविवार, 18 अक्टूबर) अथवा महानवमी (सोमवार, 19 अक्टूबर 2026) के दिन प्रातः शुभ मुहूर्त में किया जाएगा।

वर्ष 2027 में दुर्गा पूजा कब है?

वर्ष 2027 में दुर्गा पूजा 1 अक्टूबर (घटस्थापना) से 10 अक्टूबर 2027 (विजयादशमी) तक मनाई जाएगी, जिसमें महाअष्टमी शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2027 को होगी।

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