समस्त वैदिक पूजा एवं धार्मिक अनुष्ठान
गृह प्रवेश, रुद्राभिषेक, सत्यनारायण कथा सहित सभी वैदिक पूजाएं, हवन एवं षोडश संस्कार।
गृह प्रवेश पूजन
नए घर में सुख, शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा के वास हेतु वैदिक विधि-विधान से संपन्न गृह प्रवेश पूजन।
सत्यनारायण पूजा एवं कथा
पारिवारिक सुख-शांति, समृद्धि एवं मनोकामना पूर्ति हेतु भगवान श्री सत्यनारायण जी की पावन कथा एवं पूजन।
रुद्राभिषेक पूजन
शुकलयजुर्वेदीय रुद्राष्टाध्यायी के वैदिक मंत्रों द्वारा भगवान शिव का पंचामृत अभिषेक एवं पूजन।
विवाह संस्कार
शास्त्रोक्त वैदिक विधि से वर-वधू का पाणिग्रहण, कन्यादान, सप्तपदी एवं हवन संपन्न कराना।
महामृत्युंजय जाप एवं हवन
रोग-दोष निवारण, दीर्घायु एवं आरोग्य लाभ हेतु महामृत्युंजय मंत्र का सवा लाख / दशांश जप एवं हवन।
नवग्रह शांति पूजा एवं हवन
कुंडली के अनिष्ट ग्रह दोषों की शांति एवं अनुकूलता हेतु नवग्रह समिधा व वैदिक मंत्रों से विधिवत हवन।
वास्तु शांति एवं दोष निवारण
भवन अथवा प्रतिष्ठान के वास्तु दोषों के निवारण हेतु वास्तु पुरुष एवं दिक्पालों का विशेष पूजन-हवन।
गणेश पूजन एवं अथर्वशीर्ष पाठ
सर्वकार्य निर्विघ्न संपन्न कराने हेतु भगवान श्री गणेश जी का पूजन एवं अथर्वशीर्ष का संपुटित पाठ।
महालक्ष्मी पूजन एवं कुबेर हवन
व्यापार वृद्धि, ऋण मुक्ति एवं धन-धान्य समृद्धि हेतु महालक्ष्मी जी एवं कुबेर देव का श्रीसूक्त हवन।
सुंदरकांड पाठ एवं हनुमान हवन
संकट निवारण एवं आत्मविश्वास वृद्धि हेतु संगीतमय सुंदरकांड पाठ एवं हनुमान जी का चोला-हवन।
नामकरण संस्कार
नवजात शिशु के जन्म नक्षत्र एवं शुभ मुहूर्त अनुसार शास्त्रोक्त नामकरण संस्कार।
अन्नप्राशन संस्कार
शिशु के प्रथम अन्न (खीर) ग्रहण का पावन संस्कार, माँ अन्नपूर्णा के आशीर्वाद सहित।
उपनयन (जनेऊ) संस्कार
यज्ञोपवीत धारण, गायत्री मंत्र दीक्षा एवं ब्रह्मचर्य व्रत ग्रहण का शास्त्रोक्त संस्कार।
श्राद्ध एवं पितृ तर्पण
पूर्वजों की तृप्ति एवं पितृ ऋण से मुक्ति हेतु विधिपूर्वक पिंडदान, तिल-तर्पण एवं ब्राह्मण भोजन।
दुर्गा सप्तशती पाठ एवं नवचंडी हवन
शत्रु बाधा, रोग निवारण एवं विजय प्राप्ति हेतु दुर्गा सप्तशती के १३ अध्यायों का संपुटित पाठ एवं नवचंडी महायज्ञ।
कालसर्प दोष निवारण पूजन
कुंडली में राहु-केतु जनित कालसर्प दोष की शांति हेतु नाग-नागिन जोड़े के साथ शिव आराधना एवं हवन।
अखंड रामायण पाठ
गोस्वामी तुलसीदास कृत श्रीरामचरितमानस का २४ घंटे का अखंड संगीतमय गायन एवं हवन।
मुंडन (चूड़ाकर्म) संस्कार
शिशु के प्रथम केश मुंडन का वैदिक संस्कार, सिर पर हल्दी-चंदन लेपन एवं कुलदेवता पूजन।