🕉️ खगोलीय रूप से सटीक पंचांग

7 दिसंबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार

त्वरित उत्तर: 7 दिसंबर 2026 को सोमवार है। तिथि: कृष्ण चतुर्दशी (7 दिसंबर, रात्रि 02:23 से 8 दिसंबर, प्रातः 04:13 तक)। नक्षत्र: विशाखा। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:52 से दोपहर 12:34 तक। राहुकाल: प्रातः 08:19 से 09:37 तक।

दिल्ली एनसीआर • 7 दिसंबर 2026 (सोमवार)

🔱 विक्रम संवत 2083 • मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्दशी
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माह दृश्य

दिसंबर 2026

रवि सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि
त्योहार एकादशी पूर्णिमा अमावस्या
📅 चयनित दिन विवरण

7 दिसंबर 2026 (सोमवार)

दिल्ली एनसीआर का पंचांग • कृष्ण चतुर्दशी

🕉️ विक्रम संवत 2083 • मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्दशी
🌅 सूर्योदय
प्रातः 07:01
🌇 सूर्यास्त
सायं 05:24
✨ अभिजित
प्रातः 11:52 – दोपहर 12:34
⚠️ राहु काल
प्रातः 08:19 – 09:37
☀️
वर्तमान सूर्य नक्षत्र (कृषि व वर्षा)

ज्येष्ठा · पाद 2 (सूर्य कन्या राशि में)

धान व फसल वर्षा का मुख्य नक्षत्र (28 सितंबर – 10 अक्टूबर)
🎉 आज के पर्व एवं व्रत
व्रत

मासिक शिवरात्रि

प्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भगवान भोलेनाथ की निशीथ काल में पूजा एवं शिव पंचाक्षर जप का दिन।

📌 नैमित्तिक व्रत व्रतारम्भ: परंपरा-सापेक्ष
पंचांग के पांच अंग

इस दिन के पंचांग अंग

🌙
तिथि

चतुर्दशी

कृष्ण
अवधि: 7 दिसंबर, रात्रि 02:23 से 8 दिसंबर, प्रातः 04:13 तक
तत्पश्चात अमावस्या: 8 दिसंबर, प्रातः 04:13 से 9 दिसंबर, प्रातः 06:13 तक
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नक्षत्र

विशाखा

अवधि: 6 दिसंबर, दोपहर 02:20 से 7 दिसंबर, सायं 04:31 तक
तत्पश्चात अनुराधा: 7 दिसंबर, सायं 04:31 से 8 दिसंबर, सायं 06:59 तक
☀️ सूर्य नक्षत्र: ज्येष्ठा
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योग

अतिगण्ड

सूर्य-चंद्र
अवधि: 6 दिसंबर, प्रातः 08:59 से 7 दिसंबर, प्रातः 09:05 तक
तत्पश्चात सुकर्मा: 7 दिसंबर, प्रातः 09:05 से 8 दिसंबर, प्रातः 09:26 तक
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करण

विष्टि

आधी तिथि
अवधि: रात्रि 02:23 से दोपहर 03:15 तक
तत्पश्चात शकुनि: 7 दिसंबर, दोपहर 03:15 से 8 दिसंबर, प्रातः 04:13 तक
📅
वार

सोमवार

सौर दिवस
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
✨ शुभ मुहूर्त एवं मांगलिक कार्य

शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता

विवाह मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • अनुकूल वार (दिन) • अशुभ योग
गृह प्रवेश मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • अनुकूल वार (दिन) • अशुभ योग
वाहन क्रय मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • अनुकूल वार (दिन)
संपत्ति / भूमि क्रय मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या)
नामकरण संस्कार मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • अनुकूल वार (दिन)
⚠️ अशुभ काल समय

शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है

राहु काल सर्वाधिक अशुभ

प्रातः 08:19 – 09:37

यमगण्ड वर्जित

दोपहर 12:13 – 01:31

गुलिक काल शनि प्रभाव

दोपहर 02:49 – सायं 04:07

🪔 वैदिक अनुष्ठान एवं पूजन

दिल्ली एनसीआर में 7 दिसंबर को पूजा की योजना?

गृह प्रवेश, सत्यनारायण कथा, विवाह संस्कार एवं शांति हवन हेतु प्रमाणित वैदिक पंडितों से सीधा संपर्क करें।

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पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?

पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।

🌙

1. तिथि

चंद्र दिवस

सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।

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2. नक्षत्र

तारामंडल

चंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।

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3. योग

सूर्य-चंद्र योग

सूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।

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4. करण

आधी तिथि

एक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।

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5. वार

सप्ताह का दिन

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।