4 दिसंबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार
त्वरित उत्तर: 4 दिसंबर 2026 को शुक्रवार है। तिथि: कृष्ण एकादशी (3 दिसंबर, रात्रि 11:04 से 4 दिसंबर, रात्रि 11:45 तक)। नक्षत्र: हस्त। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:51 से दोपहर 12:32 तक। राहुकाल: प्रातः 10:53 से दोपहर 12:12 तक।
दिल्ली एनसीआर • 4 दिसंबर 2026 (शुक्रवार) कृष्ण एकादशी
दिसंबर 2026
4 दिसंबर 2026 (शुक्रवार)
दिल्ली एनसीआर का पंचांग • कृष्ण एकादशी
ज्येष्ठा · पाद 1 (सूर्य कन्या राशि में)
उत्पन्ना एकादशी
मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी। एकादशी देवी का भगवान विष्णु के शरीर से प्राकट्य दिवस; एकादशी व्रतारम्भ का सर्वोत्तम दिन।
एकादशी व्रत
प्रत्येक मास के दोनों पक्षों (शुक्ल व कृष्ण) की एकादशी तिथि को भगवान श्री हरि विष्णु की आराधना का पवित्र व्रत।
इस दिन के पंचांग अंग
एकादशी
हस्त
आयुष्मान
बव
शुक्रवार
शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता
शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है
प्रातः 10:53 – दोपहर 12:12
प्रातः 06:59 – 08:17
प्रातः 09:35 – 10:53
दिल्ली एनसीआर में 4 दिसंबर को पूजा की योजना?
गृह प्रवेश, सत्यनारायण कथा, विवाह संस्कार एवं शांति हवन हेतु प्रमाणित वैदिक पंडितों से सीधा संपर्क करें।
पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?
पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।
1. तिथि
चंद्र दिवससूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।
2. नक्षत्र
तारामंडलचंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।
3. योग
सूर्य-चंद्र योगसूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।
4. करण
आधी तिथिएक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।
5. वार
सप्ताह का दिनसूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।