🕉️ खगोलीय रूप से सटीक पंचांग

2 दिसंबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार

त्वरित उत्तर: 2 दिसंबर 2026 को बुधवार है। तिथि: कृष्ण नवमी (1 दिसंबर, रात्रि 11:14 से 2 दिसंबर, रात्रि 10:53 तक)। नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:50 से दोपहर 12:32 तक। राहुकाल: दोपहर 12:11 से 01:29 तक।

दिल्ली एनसीआर • 2 दिसंबर 2026 (बुधवार)

🔱 विक्रम संवत 2083 • मार्गशीर्ष कृष्ण नवमी
📜
माह दृश्य

दिसंबर 2026

रवि सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि
त्योहार एकादशी पूर्णिमा अमावस्या
📅 चयनित दिन विवरण

2 दिसंबर 2026 (बुधवार)

दिल्ली एनसीआर का पंचांग • कृष्ण नवमी

🕉️ विक्रम संवत 2083 • मार्गशीर्ष कृष्ण नवमी
🌅 सूर्योदय
प्रातः 06:58
🌇 सूर्यास्त
सायं 05:24
✨ अभिजित
प्रातः 11:50 – दोपहर 12:32
⚠️ राहु काल
दोपहर 12:11 – 01:29
☀️
वर्तमान सूर्य नक्षत्र (कृषि व वर्षा)

अनुराधा · पाद 4 (सूर्य कन्या राशि में)

धान व फसल वर्षा का मुख्य नक्षत्र (28 सितंबर – 10 अक्टूबर)
पंचांग के पांच अंग

इस दिन के पंचांग अंग

🌙
तिथि

नवमी

कृष्ण
अवधि: 1 दिसंबर, रात्रि 11:14 से 2 दिसंबर, रात्रि 10:53 तक
तत्पश्चात दशमी: 2 दिसंबर, रात्रि 10:53 से 3 दिसंबर, रात्रि 11:04 तक
⭐
नक्षत्र

पूर्वा फाल्गुनी

अवधि: 1 दिसंबर, प्रातः 09:39 से 2 दिसंबर, प्रातः 09:34 तक
तत्पश्चात उत्तरा फाल्गुनी: 2 दिसंबर, प्रातः 09:34 से 3 दिसंबर, प्रातः 10:04 तक
☀️ सूर्य नक्षत्र: अनुराधा
🕉️
योग

विष्कम्भ

सूर्य-चंद्र
अवधि: 1 दिसंबर, दोपहर 01:18 से 2 दिसंबर, प्रातः 11:44 तक
तत्पश्चात Priti: 2 दिसंबर, प्रातः 11:44 से 3 दिसंबर, प्रातः 10:30 तक
🔱
करण

तैतिल

आधी तिथि
अवधि: 1 दिसंबर, रात्रि 11:14 से 2 दिसंबर, प्रातः 10:59 तक
तत्पश्चात गरज: प्रातः 10:59 से रात्रि 10:53 तक
📅
वार

बुधवार

सौर दिवस
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
✨ शुभ मुहूर्त एवं मांगलिक कार्य

शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता

विवाह मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • अनुकूल वार (दिन) • अशुभ योग
गृह प्रवेश मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • अनुकूल वार (दिन) • अशुभ योग
वाहन क्रय मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • अनुकूल वार (दिन)
संपत्ति / भूमि क्रय मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अशुभ योग
नामकरण संस्कार मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • अनुकूल वार (दिन)
⚠️ अशुभ काल समय

शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है

राहु काल सर्वाधिक अशुभ

दोपहर 12:11 – 01:29

यमगण्ड वर्जित

प्रातः 09:34 – 10:52

गुलिक काल शनि प्रभाव

दोपहर 12:11 – 01:29

🪔 वैदिक अनुष्ठान एवं पूजन

दिल्ली एनसीआर में 2 दिसंबर को पूजा की योजना?

गृह प्रवेश, सत्यनारायण कथा, विवाह संस्कार एवं शांति हवन हेतु प्रमाणित वैदिक पंडितों से सीधा संपर्क करें।

दिल्ली एनसीआर में पंडित खोजें
वैदिक ज्योतिष मार्गदर्शिका

पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?

पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।

🌙

1. तिथि

चंद्र दिवस

सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।

⭐

2. नक्षत्र

तारामंडल

चंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।

🕉️

3. योग

सूर्य-चंद्र योग

सूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।

🔱

4. करण

आधी तिथि

एक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।

📅

5. वार

सप्ताह का दिन

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।