🕉️ खगोलीय रूप से सटीक पंचांग

29 नवंबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार

त्वरित उत्तर: 29 नवंबर 2026 को रविवार है। तिथि: कृष्ण षष्ठी (29 नवंबर, रात्रि 03:58 से 30 नवंबर, रात्रि 01:47 तक)। नक्षत्र: पुष्य। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:49 से दोपहर 12:31 तक। राहुकाल: सायं 04:06 से 05:24 तक।

दिल्ली एनसीआर • 29 नवंबर 2026 (रविवार)

🔱 विक्रम संवत 2083 • मार्गशीर्ष कृष्ण षष्ठी
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माह दृश्य

नवंबर 2026

रवि सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि
त्योहार एकादशी पूर्णिमा अमावस्या
📅 चयनित दिन विवरण

29 नवंबर 2026 (रविवार)

दिल्ली एनसीआर का पंचांग • कृष्ण षष्ठी

🕉️ विक्रम संवत 2083 • मार्गशीर्ष कृष्ण षष्ठी
🌅 सूर्योदय
प्रातः 06:55
🌇 सूर्यास्त
सायं 05:24
✨ अभिजित
प्रातः 11:49 – दोपहर 12:31
⚠️ राहु काल
सायं 04:06 – 05:24
☀️
वर्तमान सूर्य नक्षत्र (कृषि व वर्षा)

अनुराधा · पाद 3 (सूर्य कन्या राशि में)

धान व फसल वर्षा का मुख्य नक्षत्र (28 सितंबर – 10 अक्टूबर)
पंचांग के पांच अंग

इस दिन के पंचांग अंग

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तिथि

षष्ठी

कृष्ण
अवधि: 29 नवंबर, रात्रि 03:58 से 30 नवंबर, रात्रि 01:47 तक
तत्पश्चात सप्तमी: 30 नवंबर, रात्रि 01:47 से 1 दिसंबर, रात्रि 12:12 तक
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नक्षत्र

पुष्य

अवधि: 28 नवंबर, दोपहर 01:26 से 29 नवंबर, प्रातः 11:36 तक
तत्पश्चात आश्लेषा: 29 नवंबर, प्रातः 11:36 से 30 नवंबर, प्रातः 10:20 तक
☀️ सूर्य नक्षत्र: अनुराधा
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योग

ब्रह्म

सूर्य-चंद्र
अवधि: 28 नवंबर, रात्रि 09:25 से 29 नवंबर, सायं 06:17 तक
तत्पश्चात इन्द्र: 29 नवंबर, सायं 06:17 से 30 नवंबर, दोपहर 03:37 तक
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करण

गरज

आधी तिथि
अवधि: रात्रि 03:58 से दोपहर 02:48 तक
तत्पश्चात वणिज: 29 नवंबर, दोपहर 02:48 से 30 नवंबर, रात्रि 01:47 तक
📅
वार

रविवार

सौर दिवस
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
✨ शुभ मुहूर्त एवं मांगलिक कार्य

शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता

विवाह मुहूर्त सामान्य
गृह प्रवेश मुहूर्त सामान्य
वाहन क्रय मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अनुकूल वार (दिन)
संपत्ति / भूमि क्रय मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि
नामकरण संस्कार मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र
⚠️ अशुभ काल समय

शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है

राहु काल सर्वाधिक अशुभ

सायं 04:06 – 05:24

यमगण्ड वर्जित

दोपहर 01:28 – 02:47

गुलिक काल शनि प्रभाव

प्रातः 06:55 – 08:14

🪔 वैदिक अनुष्ठान एवं पूजन

दिल्ली एनसीआर में 29 नवंबर को पूजा की योजना?

गृह प्रवेश, सत्यनारायण कथा, विवाह संस्कार एवं शांति हवन हेतु प्रमाणित वैदिक पंडितों से सीधा संपर्क करें।

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पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?

पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।

🌙

1. तिथि

चंद्र दिवस

सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।

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2. नक्षत्र

तारामंडल

चंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।

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3. योग

सूर्य-चंद्र योग

सूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।

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4. करण

आधी तिथि

एक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।

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5. वार

सप्ताह का दिन

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।