🕉️ खगोलीय रूप से सटीक पंचांग

22 नवंबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार

त्वरित उत्तर: 22 नवंबर 2026 को रविवार है। तिथि: शुक्ल त्रयोदशी (22 नवंबर, प्रातः 04:57 से 23 नवंबर, रात्रि 02:38 तक)। नक्षत्र: अश्विनी। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:46 से दोपहर 12:29 तक। राहुकाल: सायं 04:06 से 05:25 तक।

दिल्ली एनसीआर • 22 नवंबर 2026 (रविवार)

🔱 विक्रम संवत 2083 • कार्तिक शुक्ल त्रयोदशी
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माह दृश्य

नवंबर 2026

रवि सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि
त्योहार एकादशी पूर्णिमा अमावस्या
📅 चयनित दिन विवरण

22 नवंबर 2026 (रविवार)

दिल्ली एनसीआर का पंचांग • शुक्ल त्रयोदशी

🕉️ विक्रम संवत 2083 • कार्तिक शुक्ल त्रयोदशी
🌅 सूर्योदय
प्रातः 06:50
🌇 सूर्यास्त
सायं 05:25
✨ अभिजित
प्रातः 11:46 – दोपहर 12:29
⚠️ राहु काल
सायं 04:06 – 05:25
☀️
वर्तमान सूर्य नक्षत्र (कृषि व वर्षा)

अनुराधा · पाद 1 (सूर्य कन्या राशि में)

धान व फसल वर्षा का मुख्य नक्षत्र (28 सितंबर – 10 अक्टूबर)
🎉 आज के पर्व एवं व्रत
व्रत

प्रदोष व्रत

त्रयोदशी तिथि के प्रदोष काल में भगवान शिव एवं माता पार्वती की आराधना का अत्यंत शुभ और मनोवांछित फलदायक व्रत।

📌 नैमित्तिक व्रत व्रतारम्भ: परंपरा-सापेक्ष
पंचांग के पांच अंग

इस दिन के पंचांग अंग

🌙
तिथि

त्रयोदशी

शुक्ल
अवधि: 22 नवंबर, प्रातः 04:57 से 23 नवंबर, रात्रि 02:38 तक
तत्पश्चात चतुर्दशी: 23 नवंबर, रात्रि 02:38 से 23 नवंबर, रात्रि 11:43 तक
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नक्षत्र

अश्विनी

अवधि: 22 नवंबर, प्रातः 06:32 से 23 नवंबर, प्रातः 04:51 तक
तत्पश्चात भरणी: 23 नवंबर, प्रातः 04:51 से 24 नवंबर, रात्रि 02:37 तक
☀️ सूर्य नक्षत्र: अनुराधा
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योग

व्यतीपात

सूर्य-चंद्र
अवधि: 22 नवंबर, रात्रि 03:39 से 23 नवंबर, रात्रि 12:36 तक
तत्पश्चात Variyana: 23 नवंबर, रात्रि 12:36 से 23 नवंबर, रात्रि 09:04 तक
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करण

कौलव

आधी तिथि
अवधि: प्रातः 04:57 से दोपहर 03:52 तक
तत्पश्चात तैतिल: 22 नवंबर, दोपहर 03:52 से 23 नवंबर, रात्रि 02:38 तक
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वार

रविवार

सौर दिवस
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
✨ शुभ मुहूर्त एवं मांगलिक कार्य

शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता

विवाह मुहूर्त सामान्य
शुभ एवं अनुकूल तिथि • अशुभ योग
गृह प्रवेश मुहूर्त सामान्य
शुभ एवं अनुकूल तिथि • अशुभ योग
वाहन क्रय मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अनुकूल वार (दिन) • अशुभ योग
संपत्ति / भूमि क्रय मुहूर्त सामान्य
शुभ एवं अनुकूल तिथि • अशुभ योग
नामकरण संस्कार मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अशुभ योग
⚠️ अशुभ काल समय

शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है

राहु काल सर्वाधिक अशुभ

सायं 04:06 – 05:25

यमगण्ड वर्जित

दोपहर 01:27 – 02:46

गुलिक काल शनि प्रभाव

प्रातः 06:50 – 08:09

🪔 वैदिक अनुष्ठान एवं पूजन

दिल्ली एनसीआर में 22 नवंबर को पूजा की योजना?

गृह प्रवेश, सत्यनारायण कथा, विवाह संस्कार एवं शांति हवन हेतु प्रमाणित वैदिक पंडितों से सीधा संपर्क करें।

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पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?

पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।

🌙

1. तिथि

चंद्र दिवस

सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।

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2. नक्षत्र

तारामंडल

चंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।

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3. योग

सूर्य-चंद्र योग

सूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।

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4. करण

आधी तिथि

एक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।

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5. वार

सप्ताह का दिन

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।