🕉️ खगोलीय रूप से सटीक पंचांग

19 नवंबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार

त्वरित उत्तर: 19 नवंबर 2026 को गुरुवार है। तिथि: शुक्ल नवमी (18 नवंबर, प्रातः 06:06 से 19 नवंबर, प्रातः 07:07 तक)। नक्षत्र: शतभिषा। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:45 से दोपहर 12:28 तक। राहुकाल: दोपहर 01:27 से 02:47 तक।

दिल्ली एनसीआर • 19 नवंबर 2026 (गुरुवार)

🔱 विक्रम संवत 2083 • कार्तिक शुक्ल नवमी
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माह दृश्य

नवंबर 2026

रवि सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि
त्योहार एकादशी पूर्णिमा अमावस्या
📅 चयनित दिन विवरण

19 नवंबर 2026 (गुरुवार)

दिल्ली एनसीआर का पंचांग • शुक्ल नवमी

🕉️ विक्रम संवत 2083 • कार्तिक शुक्ल नवमी
🌅 सूर्योदय
प्रातः 06:47
🌇 सूर्यास्त
सायं 05:26
✨ अभिजित
प्रातः 11:45 – दोपहर 12:28
⚠️ राहु काल
दोपहर 01:27 – 02:47
☀️
वर्तमान सूर्य नक्षत्र (कृषि व वर्षा)

विशाखा · पाद 4 (सूर्य कन्या राशि में)

धान व फसल वर्षा का मुख्य नक्षत्र (28 सितंबर – 10 अक्टूबर)
पंचांग के पांच अंग

इस दिन के पंचांग अंग

🌙
तिथि

नवमी

शुक्ल
अवधि: 18 नवंबर, प्रातः 06:06 से 19 नवंबर, प्रातः 07:07 तक
तत्पश्चात दशमी: 19 नवंबर, प्रातः 07:07 से 20 नवंबर, प्रातः 07:16 तक
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नक्षत्र

शतभिषा

अवधि: 18 नवंबर, प्रातः 05:17 से 19 नवंबर, प्रातः 06:51 तक
तत्पश्चात पूर्वाभाद्रपद: 19 नवंबर, प्रातः 06:51 से 20 नवंबर, प्रातः 07:36 तक
☀️ सूर्य नक्षत्र: विशाखा
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योग

व्याघात

सूर्य-चंद्र
अवधि: 18 नवंबर, प्रातः 09:22 से 19 नवंबर, प्रातः 08:58 तक
तत्पश्चात हर्षण: 19 नवंबर, प्रातः 08:58 से 20 नवंबर, प्रातः 07:53 तक
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करण

कौलव

आधी तिथि
अवधि: 18 नवंबर, सायं 06:42 से 19 नवंबर, प्रातः 07:07 तक
तत्पश्चात तैतिल: प्रातः 07:07 से सायं 07:18 तक
📅
वार

गुरुवार

सौर दिवस
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
✨ शुभ मुहूर्त एवं मांगलिक कार्य

शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता

विवाह मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • अनुकूल वार (दिन) • अशुभ योग
गृह प्रवेश मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • अनुकूल वार (दिन)
वाहन क्रय मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अनुकूल वार (दिन)
संपत्ति / भूमि क्रय मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • अनुकूल वार (दिन)
नामकरण संस्कार मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अनुकूल वार (दिन)
⚠️ अशुभ काल समय

शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है

राहु काल सर्वाधिक अशुभ

दोपहर 01:27 – 02:47

यमगण्ड वर्जित

प्रातः 08:07 – 09:27

गुलिक काल शनि प्रभाव

प्रातः 10:47 – दोपहर 12:07

🪔 वैदिक अनुष्ठान एवं पूजन

दिल्ली एनसीआर में 19 नवंबर को पूजा की योजना?

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पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?

पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।

🌙

1. तिथि

चंद्र दिवस

सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।

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2. नक्षत्र

तारामंडल

चंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।

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3. योग

सूर्य-चंद्र योग

सूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।

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4. करण

आधी तिथि

एक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।

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5. वार

सप्ताह का दिन

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।