🕉️ खगोलीय रूप से सटीक पंचांग

15 नवंबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार

त्वरित उत्तर: 15 नवंबर 2026 को रविवार है। तिथि: शुक्ल षष्ठी (14 नवंबर, रात्रि 11:24 से 16 नवंबर, रात्रि 02:02 तक)। नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:45 से दोपहर 12:27 तक। राहुकाल: सायं 04:07 से 05:28 तक।

दिल्ली एनसीआर • 15 नवंबर 2026 (रविवार)

🔱 विक्रम संवत 2083 • कार्तिक शुक्ल षष्ठी
📜
माह दृश्य

नवंबर 2026

रवि सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि
त्योहार एकादशी पूर्णिमा अमावस्या
📅 चयनित दिन विवरण

15 नवंबर 2026 (रविवार)

दिल्ली एनसीआर का पंचांग • शुक्ल षष्ठी

🕉️ विक्रम संवत 2083 • कार्तिक शुक्ल षष्ठी
🌅 सूर्योदय
प्रातः 06:44
🌇 सूर्यास्त
सायं 05:28
✨ अभिजित
प्रातः 11:45 – दोपहर 12:27
⚠️ राहु काल
सायं 04:07 – 05:28
☀️
वर्तमान सूर्य नक्षत्र (कृषि व वर्षा)

विशाखा · पाद 3 (सूर्य कन्या राशि में)

धान व फसल वर्षा का मुख्य नक्षत्र (28 सितंबर – 10 अक्टूबर)
🎉 आज के पर्व एवं व्रत
महोत्सव

छठ पूजा (सूर्य षष्ठी)

सूर्य देव एवं षष्ठी मइया की उपासना का चार दिवसीय महापर्व। अस्ताचलगामी एवं उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार के कल्याण की प्रार्थना की जाती है।

📌 नैमित्तिक व्रत व्रतारम्भ: परंपरा-सापेक्ष
पंचांग के पांच अंग

इस दिन के पंचांग अंग

🌙
तिथि

षष्ठी

शुक्ल
अवधि: 14 नवंबर, रात्रि 11:24 से 16 नवंबर, रात्रि 02:02 तक
तत्पश्चात सप्तमी: 16 नवंबर, रात्रि 02:02 से 17 नवंबर, प्रातः 04:20 तक
⭐
नक्षत्र

उत्तराषाढ़ा

अवधि: 14 नवंबर, रात्रि 09:08 से 16 नवंबर, रात्रि 12:12 तक
तत्पश्चात श्रवण: 16 नवंबर, रात्रि 12:12 से 17 नवंबर, रात्रि 03:00 तक
☀️ सूर्य नक्षत्र: विशाखा
🕉️
योग

Shula

सूर्य-चंद्र
अवधि: 14 नवंबर, प्रातः 06:43 से 15 नवंबर, प्रातः 07:43 तक
तत्पश्चात गण्ड: 15 नवंबर, प्रातः 07:43 से 16 नवंबर, प्रातः 08:36 तक
🔱
करण

कौलव

आधी तिथि
अवधि: 14 नवंबर, रात्रि 11:24 से 15 नवंबर, दोपहर 12:44 तक
तत्पश्चात तैतिल: 15 नवंबर, दोपहर 12:44 से 16 नवंबर, रात्रि 02:02 तक
📅
वार

रविवार

सौर दिवस
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
✨ शुभ मुहूर्त एवं मांगलिक कार्य

शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता

विवाह मुहूर्त सामान्य
शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अशुभ योग
गृह प्रवेश मुहूर्त सामान्य
शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अशुभ योग
वाहन क्रय मुहूर्त सामान्य
अनुकूल वार (दिन) • अशुभ योग
संपत्ति / भूमि क्रय मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अशुभ योग
नामकरण संस्कार मुहूर्त सामान्य
शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अशुभ योग
⚠️ अशुभ काल समय

शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है

राहु काल सर्वाधिक अशुभ

सायं 04:07 – 05:28

यमगण्ड वर्जित

दोपहर 01:26 – 02:47

गुलिक काल शनि प्रभाव

प्रातः 06:44 – 08:05

🪔 वैदिक अनुष्ठान एवं पूजन

दिल्ली एनसीआर में 15 नवंबर को पूजा की योजना?

गृह प्रवेश, सत्यनारायण कथा, विवाह संस्कार एवं शांति हवन हेतु प्रमाणित वैदिक पंडितों से सीधा संपर्क करें।

दिल्ली एनसीआर में पंडित खोजें
वैदिक ज्योतिष मार्गदर्शिका

पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?

पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।

🌙

1. तिथि

चंद्र दिवस

सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।

⭐

2. नक्षत्र

तारामंडल

चंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।

🕉️

3. योग

सूर्य-चंद्र योग

सूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।

🔱

4. करण

आधी तिथि

एक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।

📅

5. वार

सप्ताह का दिन

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।