13 नवंबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार
त्वरित उत्तर: 13 नवंबर 2026 को शुक्रवार है। तिथि: शुक्ल चतुर्थी (12 नवंबर, सायं 06:10 से 13 नवंबर, रात्रि 08:43 तक)। नक्षत्र: मूल। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:44 से दोपहर 12:27 तक। राहुकाल: प्रातः 10:45 से दोपहर 12:06 तक।
दिल्ली एनसीआर • 13 नवंबर 2026 (शुक्रवार) शुक्ल चतुर्थी
नवंबर 2026
13 नवंबर 2026 (शुक्रवार)
दिल्ली एनसीआर का पंचांग • शुक्ल चतुर्थी
विशाखा · पाद 2 (सूर्य कन्या राशि में)
छठ पूजा (सूर्य षष्ठी) (नहाय खाय)
सूर्य देव एवं षष्ठी मइया की उपासना का चार दिवसीय महापर्व। अस्ताचलगामी एवं उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार के कल्याण की प्रार्थना की जाती है।
विनायक चतुर्थी
शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के मध्याह्न काल में विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की षोडशोपचार पूजा।
इस दिन के पंचांग अंग
चतुर्थी
मूल
धृति
वणिज
शुक्रवार
शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता
शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है
प्रातः 10:45 – दोपहर 12:06
प्रातः 06:43 – 08:03
प्रातः 09:24 – 10:45
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पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?
पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।
1. तिथि
चंद्र दिवससूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।
2. नक्षत्र
तारामंडलचंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।
3. योग
सूर्य-चंद्र योगसूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।
4. करण
आधी तिथिएक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।
5. वार
सप्ताह का दिनसूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।