11 नवंबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार
त्वरित उत्तर: 11 नवंबर 2026 को बुधवार है। तिथि: शुक्ल द्वितीया (10 नवंबर, दोपहर 02:01 से 11 नवंबर, दोपहर 03:54 तक)। नक्षत्र: अनुराधा। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:44 से दोपहर 12:27 तक। राहुकाल: दोपहर 12:05 से 01:27 तक।
दिल्ली एनसीआर • 11 नवंबर 2026 (बुधवार) शुक्ल द्वितीया
नवंबर 2026
11 नवंबर 2026 (बुधवार)
दिल्ली एनसीआर का पंचांग • शुक्ल द्वितीया
विशाखा · पाद 2 (सूर्य कन्या राशि में)
भाई दूज (यम द्वितीया)
भाई-बहन के पवित्र स्नेह का प्रतीक। बहनें भाइयों को तिलक लगाकर उनकी दीर्घायु एवं मंगल की कामना करती हैं।
इस दिन के पंचांग अंग
द्वितीया
अनुराधा
अतिगण्ड
कौलव
बुधवार
शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता
शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है
दोपहर 12:05 – 01:27
प्रातः 09:23 – 10:44
दोपहर 12:05 – 01:27
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पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?
पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।
1. तिथि
चंद्र दिवससूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।
2. नक्षत्र
तारामंडलचंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।
3. योग
सूर्य-चंद्र योगसूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।
4. करण
आधी तिथिएक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।
5. वार
सप्ताह का दिनसूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।