🕉️ खगोलीय रूप से सटीक पंचांग

10 नवंबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार

त्वरित उत्तर: 10 नवंबर 2026 को मंगलवार है। तिथि: शुक्ल प्रतिपदा (9 नवंबर, दोपहर 12:26 से 10 नवंबर, दोपहर 02:01 तक)। नक्षत्र: विशाखा। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:44 से दोपहर 12:27 तक। राहुकाल: दोपहर 02:48 से सायं 04:09 तक।

दिल्ली एनसीआर • 10 नवंबर 2026 (मंगलवार)

🔱 विक्रम संवत 2083 • कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा
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माह दृश्य

नवंबर 2026

रवि सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि
त्योहार एकादशी पूर्णिमा अमावस्या
📅 चयनित दिन विवरण

10 नवंबर 2026 (मंगलवार)

दिल्ली एनसीआर का पंचांग • शुक्ल प्रतिपदा

🕉️ विक्रम संवत 2083 • कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा
🌅 सूर्योदय
प्रातः 06:40
🌇 सूर्यास्त
सायं 05:30
✨ अभिजित
प्रातः 11:44 – दोपहर 12:27
⚠️ राहु काल
दोपहर 02:48 – सायं 04:09
☀️
वर्तमान सूर्य नक्षत्र (कृषि व वर्षा)

विशाखा · पाद 1 (सूर्य कन्या राशि में)

धान व फसल वर्षा का मुख्य नक्षत्र (28 सितंबर – 10 अक्टूबर)
🎉 आज के पर्व एवं व्रत
महोत्सव

गोवर्धन पूजा (अन्नकूट)

भगवान श्री कृष्ण द्वारा इंद्र के कोप से ब्रजवासियों की रक्षा हेतु गोवर्धन पर्वत उठाने की पावन स्मृति। अन्नकूट का महाभोग लगाया जाता है।

📌 नैमित्तिक व्रत व्रतारम्भ: विहित
पंचांग के पांच अंग

इस दिन के पंचांग अंग

🌙
तिथि

प्रतिपदा

शुक्ल
अवधि: 9 नवंबर, दोपहर 12:26 से 10 नवंबर, दोपहर 02:01 तक
तत्पश्चात द्वितीया: 10 नवंबर, दोपहर 02:01 से 11 नवंबर, दोपहर 03:54 तक
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नक्षत्र

विशाखा

अवधि: 9 नवंबर, प्रातः 08:05 से 10 नवंबर, प्रातः 10:01 तक
तत्पश्चात अनुराधा: 10 नवंबर, प्रातः 10:01 से 11 नवंबर, दोपहर 12:21 तक
☀️ सूर्य नक्षत्र: विशाखा
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योग

शोभन

सूर्य-चंद्र
अवधि: 10 नवंबर, प्रातः 04:14 से 11 नवंबर, प्रातः 04:28 तक
तत्पश्चात अतिगण्ड: 11 नवंबर, प्रातः 04:28 से 12 नवंबर, प्रातः 05:00 तक
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करण

बव

आधी तिथि
अवधि: रात्रि 01:13 से दोपहर 02:01 तक
तत्पश्चात बालव: 10 नवंबर, दोपहर 02:01 से 11 नवंबर, रात्रि 02:54 तक
📅
वार

मंगलवार

सौर दिवस
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
✨ शुभ मुहूर्त एवं मांगलिक कार्य

शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता

विवाह मुहूर्त सामान्य
गृह प्रवेश मुहूर्त सामान्य
वाहन क्रय मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि
संपत्ति / भूमि क्रय मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि
नामकरण संस्कार मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि
⚠️ अशुभ काल समय

शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है

राहु काल सर्वाधिक अशुभ

दोपहर 02:48 – सायं 04:09

यमगण्ड वर्जित

प्रातः 10:44 – दोपहर 12:05

गुलिक काल शनि प्रभाव

दोपहर 01:27 – 02:48

🪔 वैदिक अनुष्ठान एवं पूजन

दिल्ली एनसीआर में 10 नवंबर को पूजा की योजना?

गृह प्रवेश, सत्यनारायण कथा, विवाह संस्कार एवं शांति हवन हेतु प्रमाणित वैदिक पंडितों से सीधा संपर्क करें।

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पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?

पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।

🌙

1. तिथि

चंद्र दिवस

सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।

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2. नक्षत्र

तारामंडल

चंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।

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3. योग

सूर्य-चंद्र योग

सूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।

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4. करण

आधी तिथि

एक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।

📅

5. वार

सप्ताह का दिन

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।