9 नवंबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार
त्वरित उत्तर: 9 नवंबर 2026 को सोमवार है। तिथि: कृष्ण अमावस्या (8 नवंबर, प्रातः 11:28 से 9 नवंबर, दोपहर 12:31 तक)। नक्षत्र: स्वाती। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:44 से दोपहर 12:27 तक। राहुकाल: प्रातः 08:01 से 09:22 तक।
दिल्ली एनसीआर • 9 नवंबर 2026 (सोमवार) कृष्ण अमावस्या
नवंबर 2026
9 नवंबर 2026 (सोमवार)
दिल्ली एनसीआर का पंचांग • कृष्ण अमावस्या
विशाखा · पाद 1 (सूर्य कन्या राशि में)
सोमवती अमावस्या
सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या। तीर्थ स्नान, पीपल वृक्ष की 108 परिक्रमा एवं पितरों की शांति हेतु अत्यंत पुण्यदायी।
अमावस्या (पितृ तर्पण दिवस)
पितरों की शांति, तर्पण, पिंडदान एवं श्राद्ध कर्म का पवित्र दिन। अन्न-दान का विशेष महत्व।
इस दिन के पंचांग अंग
अमावस्या
स्वाती
सौभाग्य
नाग
सोमवार
शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता
शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है
प्रातः 08:01 – 09:22
दोपहर 12:05 – 01:27
दोपहर 02:48 – सायं 04:10
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पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?
पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।
1. तिथि
चंद्र दिवससूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।
2. नक्षत्र
तारामंडलचंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।
3. योग
सूर्य-चंद्र योगसूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।
4. करण
आधी तिथिएक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।
5. वार
सप्ताह का दिनसूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।