🕉️ खगोलीय रूप से सटीक पंचांग

9 नवंबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार

त्वरित उत्तर: 9 नवंबर 2026 को सोमवार है। तिथि: कृष्ण अमावस्या (8 नवंबर, प्रातः 11:28 से 9 नवंबर, दोपहर 12:31 तक)। नक्षत्र: स्वाती। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:44 से दोपहर 12:27 तक। राहुकाल: प्रातः 08:01 से 09:22 तक।

दिल्ली एनसीआर • 9 नवंबर 2026 (सोमवार)

🔱 विक्रम संवत 2083 • कार्तिक कृष्ण अमावस्या
📜
माह दृश्य

नवंबर 2026

रवि सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि
त्योहार एकादशी पूर्णिमा अमावस्या
📅 चयनित दिन विवरण

9 नवंबर 2026 (सोमवार)

दिल्ली एनसीआर का पंचांग • कृष्ण अमावस्या

🕉️ विक्रम संवत 2083 • कार्तिक कृष्ण अमावस्या
🌅 सूर्योदय
प्रातः 06:39
🌇 सूर्यास्त
सायं 05:31
✨ अभिजित
प्रातः 11:44 – दोपहर 12:27
⚠️ राहु काल
प्रातः 08:01 – 09:22
☀️
वर्तमान सूर्य नक्षत्र (कृषि व वर्षा)

विशाखा · पाद 1 (सूर्य कन्या राशि में)

धान व फसल वर्षा का मुख्य नक्षत्र (28 सितंबर – 10 अक्टूबर)
🎉 आज के पर्व एवं व्रत
व्रत

सोमवती अमावस्या

सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या। तीर्थ स्नान, पीपल वृक्ष की 108 परिक्रमा एवं पितरों की शांति हेतु अत्यंत पुण्यदायी।

📌 नैमित्तिक व्रत व्रतारम्भ: परंपरा-सापेक्ष
व्रत

अमावस्या (पितृ तर्पण दिवस)

पितरों की शांति, तर्पण, पिंडदान एवं श्राद्ध कर्म का पवित्र दिन। अन्न-दान का विशेष महत्व।

📌 नैमित्तिक व्रत व्रतारम्भ: परंपरा-सापेक्ष
पंचांग के पांच अंग

इस दिन के पंचांग अंग

🌙
तिथि

अमावस्या

कृष्ण
अवधि: 8 नवंबर, प्रातः 11:28 से 9 नवंबर, दोपहर 12:31 तक
तत्पश्चात प्रतिपदा: 9 नवंबर, दोपहर 12:31 से 10 नवंबर, दोपहर 02:01 तक
⭐
नक्षत्र

स्वाती

अवधि: 8 नवंबर, प्रातः 06:33 से 9 नवंबर, प्रातः 08:05 तक
तत्पश्चात विशाखा: 9 नवंबर, प्रातः 08:05 से 10 नवंबर, प्रातः 10:01 तक
☀️ सूर्य नक्षत्र: विशाखा
🕉️
योग

सौभाग्य

सूर्य-चंद्र
अवधि: 9 नवंबर, प्रातः 04:19 से 10 नवंबर, प्रातः 04:14 तक
तत्पश्चात शोभन: 10 नवंबर, प्रातः 04:14 से 11 नवंबर, प्रातः 04:28 तक
🔱
करण

नाग

आधी तिथि
अवधि: 8 नवंबर, रात्रि 11:57 से 9 नवंबर, दोपहर 12:31 तक
तत्पश्चात किंस्तुघ्न: 9 नवंबर, दोपहर 12:31 से 10 नवंबर, रात्रि 01:13 तक
📅
वार

सोमवार

सौर दिवस
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
✨ शुभ मुहूर्त एवं मांगलिक कार्य

शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता

विवाह मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अनुकूल वार (दिन)
गृह प्रवेश मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • अनुकूल वार (दिन)
वाहन क्रय मुहूर्त सामान्य
शुभ एवं अनुकूल तिथि • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अनुकूल वार (दिन)
संपत्ति / भूमि क्रय मुहूर्त सामान्य
शुभ एवं अनुकूल तिथि • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र
नामकरण संस्कार मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अनुकूल वार (दिन)
⚠️ अशुभ काल समय

शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है

राहु काल सर्वाधिक अशुभ

प्रातः 08:01 – 09:22

यमगण्ड वर्जित

दोपहर 12:05 – 01:27

गुलिक काल शनि प्रभाव

दोपहर 02:48 – सायं 04:10

🪔 वैदिक अनुष्ठान एवं पूजन

दिल्ली एनसीआर में 9 नवंबर को पूजा की योजना?

गृह प्रवेश, सत्यनारायण कथा, विवाह संस्कार एवं शांति हवन हेतु प्रमाणित वैदिक पंडितों से सीधा संपर्क करें।

दिल्ली एनसीआर में पंडित खोजें
वैदिक ज्योतिष मार्गदर्शिका

पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?

पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।

🌙

1. तिथि

चंद्र दिवस

सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।

⭐

2. नक्षत्र

तारामंडल

चंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।

🕉️

3. योग

सूर्य-चंद्र योग

सूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।

🔱

4. करण

आधी तिथि

एक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।

📅

5. वार

सप्ताह का दिन

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।