🕉️ खगोलीय रूप से सटीक पंचांग

8 नवंबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार

त्वरित उत्तर: 8 नवंबर 2026 को रविवार है। तिथि: कृष्ण चतुर्दशी (7 नवंबर, प्रातः 10:48 से 8 नवंबर, प्रातः 11:28 तक)। नक्षत्र: स्वाती। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:43 से दोपहर 12:27 तक। राहुकाल: सायं 04:10 से 05:32 तक।

दिल्ली एनसीआर • 8 नवंबर 2026 (रविवार)

🔱 विक्रम संवत 2083 • कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी
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माह दृश्य

नवंबर 2026

रवि सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि
त्योहार एकादशी पूर्णिमा अमावस्या
📅 चयनित दिन विवरण

8 नवंबर 2026 (रविवार)

दिल्ली एनसीआर का पंचांग • कृष्ण चतुर्दशी

🕉️ विक्रम संवत 2083 • कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी
🌅 सूर्योदय
प्रातः 06:39
🌇 सूर्यास्त
सायं 05:32
✨ अभिजित
प्रातः 11:43 – दोपहर 12:27
⚠️ राहु काल
सायं 04:10 – 05:32
☀️
वर्तमान सूर्य नक्षत्र (कृषि व वर्षा)

विशाखा · पाद 1 (सूर्य कन्या राशि में)

धान व फसल वर्षा का मुख्य नक्षत्र (28 सितंबर – 10 अक्टूबर)
🎉 आज के पर्व एवं व्रत
महोत्सव

दीपावली (दिवाली)

प्रकाश का महापर्व, भगवान श्री राम के अयोध्या आगमन और सुख-समृद्धि हेतु माता लक्ष्मी एवं भगवान श्री गणेश की आराधना का पावन दिन।

📌 नैमित्तिक व्रत व्रतारम्भ: विहित
महोत्सव

नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली)

भगवान श्री कृष्ण द्वारा नरकासुर पर विजय का प्रतीक। यमदीपदान और रूप चौदस का विशेष महत्व।

📌 नैमित्तिक व्रत व्रतारम्भ: विहित
पंचांग के पांच अंग

इस दिन के पंचांग अंग

🌙
तिथि

चतुर्दशी

कृष्ण
अवधि: 7 नवंबर, प्रातः 10:48 से 8 नवंबर, प्रातः 11:28 तक
तत्पश्चात अमावस्या: 8 नवंबर, प्रातः 11:28 से 9 नवंबर, दोपहर 12:20 तक
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नक्षत्र

स्वाती

अवधि: 8 नवंबर, प्रातः 06:33 से 9 नवंबर, प्रातः 08:05 तक
तत्पश्चात विशाखा: 9 नवंबर, प्रातः 08:05 से 10 नवंबर, प्रातः 10:01 तक
☀️ सूर्य नक्षत्र: विशाखा
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योग

आयुष्मान

सूर्य-चंद्र
अवधि: 8 नवंबर, प्रातः 04:43 से 9 नवंबर, प्रातः 04:19 तक
तत्पश्चात सौभाग्य: 9 नवंबर, प्रातः 04:19 से 10 नवंबर, प्रातः 04:14 तक
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करण

शकुनि

आधी तिथि
अवधि: 7 नवंबर, रात्रि 11:05 से 8 नवंबर, प्रातः 11:28 तक
तत्पश्चात चतुष्पद: प्रातः 11:28 से रात्रि 11:57 तक
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वार

रविवार

सौर दिवस
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
✨ शुभ मुहूर्त एवं मांगलिक कार्य

शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता

विवाह मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र
गृह प्रवेश मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या)
वाहन क्रय मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अनुकूल वार (दिन)
संपत्ति / भूमि क्रय मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र
नामकरण संस्कार मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र
⚠️ अशुभ काल समय

शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है

राहु काल सर्वाधिक अशुभ

सायं 04:10 – 05:32

यमगण्ड वर्जित

दोपहर 01:27 – 02:48

गुलिक काल शनि प्रभाव

प्रातः 06:39 – 08:00

🪔 वैदिक अनुष्ठान एवं पूजन

दिल्ली एनसीआर में 8 नवंबर को पूजा की योजना?

गृह प्रवेश, सत्यनारायण कथा, विवाह संस्कार एवं शांति हवन हेतु प्रमाणित वैदिक पंडितों से सीधा संपर्क करें।

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पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?

पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।

🌙

1. तिथि

चंद्र दिवस

सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।

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2. नक्षत्र

तारामंडल

चंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।

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3. योग

सूर्य-चंद्र योग

सूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।

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4. करण

आधी तिथि

एक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।

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5. वार

सप्ताह का दिन

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।