🕉️ खगोलीय रूप से सटीक पंचांग

7 नवंबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार

त्वरित उत्तर: 7 नवंबर 2026 को शनिवार है। तिथि: कृष्ण त्रयोदशी (6 नवंबर, प्रातः 10:31 से 7 नवंबर, प्रातः 10:48 तक)। नक्षत्र: चित्रा। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:43 से दोपहर 12:27 तक। राहुकाल: प्रातः 09:22 से 10:43 तक।

दिल्ली एनसीआर • 7 नवंबर 2026 (शनिवार)

🔱 विक्रम संवत 2083 • कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी
📜
माह दृश्य

नवंबर 2026

रवि सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि
त्योहार एकादशी पूर्णिमा अमावस्या
📅 चयनित दिन विवरण

7 नवंबर 2026 (शनिवार)

दिल्ली एनसीआर का पंचांग • कृष्ण त्रयोदशी

🕉️ विक्रम संवत 2083 • कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी
🌅 सूर्योदय
प्रातः 06:38
🌇 सूर्यास्त
सायं 05:32
✨ अभिजित
प्रातः 11:43 – दोपहर 12:27
⚠️ राहु काल
प्रातः 09:22 – 10:43
☀️
वर्तमान सूर्य नक्षत्र (कृषि व वर्षा)

विशाखा · पाद 1 (सूर्य कन्या राशि में)

धान व फसल वर्षा का मुख्य नक्षत्र (28 सितंबर – 10 अक्टूबर)
🎉 आज के पर्व एवं व्रत
व्रत

मासिक शिवरात्रि

प्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भगवान भोलेनाथ की निशीथ काल में पूजा एवं शिव पंचाक्षर जप का दिन।

📌 नैमित्तिक व्रत व्रतारम्भ: परंपरा-सापेक्ष
पंचांग के पांच अंग

इस दिन के पंचांग अंग

🌙
तिथि

त्रयोदशी

कृष्ण
अवधि: 6 नवंबर, प्रातः 10:31 से 7 नवंबर, प्रातः 10:48 तक
तत्पश्चात चतुर्दशी: 7 नवंबर, प्रातः 10:48 से 8 नवंबर, प्रातः 11:28 तक
⭐
नक्षत्र

चित्रा

अवधि: 7 नवंबर, प्रातः 05:24 से 8 नवंबर, प्रातः 06:33 तक
तत्पश्चात स्वाती: 8 नवंबर, प्रातः 06:33 से 9 नवंबर, प्रातः 08:05 तक
☀️ सूर्य नक्षत्र: विशाखा
🕉️
योग

Priti

सूर्य-चंद्र
अवधि: 7 नवंबर, प्रातः 05:24 से 8 नवंबर, प्रातः 04:43 तक
तत्पश्चात आयुष्मान: 8 नवंबर, प्रातः 04:43 से 9 नवंबर, प्रातः 04:19 तक
🔱
करण

वणिज

आधी तिथि
अवधि: 6 नवंबर, रात्रि 10:37 से 7 नवंबर, प्रातः 10:48 तक
तत्पश्चात विष्टि: प्रातः 10:48 से रात्रि 11:05 तक
📅
वार

शनिवार

सौर दिवस
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
✨ शुभ मुहूर्त एवं मांगलिक कार्य

शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता

विवाह मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि
गृह प्रवेश मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र
वाहन क्रय मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि
संपत्ति / भूमि क्रय मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र
नामकरण संस्कार मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र
⚠️ अशुभ काल समय

शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है

राहु काल सर्वाधिक अशुभ

प्रातः 09:22 – 10:43

यमगण्ड वर्जित

दोपहर 02:49 – सायं 04:10

गुलिक काल शनि प्रभाव

प्रातः 08:00 – 09:22

🪔 वैदिक अनुष्ठान एवं पूजन

दिल्ली एनसीआर में 7 नवंबर को पूजा की योजना?

गृह प्रवेश, सत्यनारायण कथा, विवाह संस्कार एवं शांति हवन हेतु प्रमाणित वैदिक पंडितों से सीधा संपर्क करें।

दिल्ली एनसीआर में पंडित खोजें
वैदिक ज्योतिष मार्गदर्शिका

पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?

पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।

🌙

1. तिथि

चंद्र दिवस

सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।

⭐

2. नक्षत्र

तारामंडल

चंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।

🕉️

3. योग

सूर्य-चंद्र योग

सूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।

🔱

4. करण

आधी तिथि

एक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।

📅

5. वार

सप्ताह का दिन

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।