6 नवंबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार
त्वरित उत्तर: 6 नवंबर 2026 को शुक्रवार है। तिथि: कृष्ण द्वादशी (5 नवंबर, प्रातः 10:36 से 6 नवंबर, प्रातः 10:31 तक)। नक्षत्र: हस्त। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:43 से दोपहर 12:27 तक। राहुकाल: प्रातः 10:43 से दोपहर 12:05 तक।
दिल्ली एनसीआर • 6 नवंबर 2026 (शुक्रवार) कृष्ण द्वादशी
नवंबर 2026
6 नवंबर 2026 (शुक्रवार)
दिल्ली एनसीआर का पंचांग • कृष्ण द्वादशी
स्वाति · पाद 4 (सूर्य कन्या राशि में)
धनतेरस (धनत्रयोदशी)
आरोग्य और समृद्धि का पर्व। भगवान धन्वंतरि, कुबेर देव एवं माँ लक्ष्मी की पूजा तथा स्वर्ण, रजत व बर्तनों की खरीदारी का शुभ दिन।
प्रदोष व्रत
त्रयोदशी तिथि के प्रदोष काल में भगवान शिव एवं माता पार्वती की आराधना का अत्यंत शुभ और मनोवांछित फलदायक व्रत।
इस दिन के पंचांग अंग
द्वादशी
हस्त
विष्कम्भ
तैतिल
शुक्रवार
शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता
शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है
प्रातः 10:43 – दोपहर 12:05
प्रातः 06:37 – 07:59
प्रातः 09:21 – 10:43
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पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?
पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।
1. तिथि
चंद्र दिवससूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।
2. नक्षत्र
तारामंडलचंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।
3. योग
सूर्य-चंद्र योगसूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।
4. करण
आधी तिथिएक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।
5. वार
सप्ताह का दिनसूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।