5 नवंबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार
त्वरित उत्तर: 5 नवंबर 2026 को गुरुवार है। तिथि: कृष्ण एकादशी (4 नवंबर, प्रातः 11:04 से 5 नवंबर, प्रातः 10:36 तक)। नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:43 से दोपहर 12:27 तक। राहुकाल: दोपहर 01:27 से 02:49 तक।
दिल्ली एनसीआर • 5 नवंबर 2026 (गुरुवार) कृष्ण एकादशी
नवंबर 2026
5 नवंबर 2026 (गुरुवार)
दिल्ली एनसीआर का पंचांग • कृष्ण एकादशी
स्वाति · पाद 4 (सूर्य कन्या राशि में)
रमा एकादशी
कार्तिक कृष्ण एकादशी। दीपोत्सव से पूर्व माँ लक्ष्मी (रमा) एवं भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का पावन दिन।
एकादशी व्रत
प्रत्येक मास के दोनों पक्षों (शुक्ल व कृष्ण) की एकादशी तिथि को भगवान श्री हरि विष्णु की आराधना का पवित्र व्रत।
इस दिन के पंचांग अंग
एकादशी
उत्तरा फाल्गुनी
इन्द्र
बालव
गुरुवार
शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता
शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है
दोपहर 01:27 – 02:49
प्रातः 07:59 – 09:21
प्रातः 10:43 – दोपहर 12:05
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पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?
पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।
1. तिथि
चंद्र दिवससूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।
2. नक्षत्र
तारामंडलचंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।
3. योग
सूर्य-चंद्र योगसूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।
4. करण
आधी तिथिएक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।
5. वार
सप्ताह का दिनसूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।