🕉️ खगोलीय रूप से सटीक पंचांग

3 नवंबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार

त्वरित उत्तर: 3 नवंबर 2026 को मंगलवार है। तिथि: कृष्ण नवमी (2 नवंबर, दोपहर 01:11 से 3 नवंबर, प्रातः 11:55 तक)। नक्षत्र: मघा। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:43 से दोपहर 12:27 तक। राहुकाल: दोपहर 02:50 से सायं 04:12 तक।

दिल्ली एनसीआर • 3 नवंबर 2026 (मंगलवार)

🔱 विक्रम संवत 2083 • कार्तिक कृष्ण नवमी
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माह दृश्य

नवंबर 2026

रवि सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि
त्योहार एकादशी पूर्णिमा अमावस्या
📅 चयनित दिन विवरण

3 नवंबर 2026 (मंगलवार)

दिल्ली एनसीआर का पंचांग • कृष्ण नवमी

🕉️ विक्रम संवत 2083 • कार्तिक कृष्ण नवमी
🌅 सूर्योदय
प्रातः 06:35
🌇 सूर्यास्त
सायं 05:35
✨ अभिजित
प्रातः 11:43 – दोपहर 12:27
⚠️ राहु काल
दोपहर 02:50 – सायं 04:12
☀️
वर्तमान सूर्य नक्षत्र (कृषि व वर्षा)

स्वाति · पाद 3 (सूर्य कन्या राशि में)

धान व फसल वर्षा का मुख्य नक्षत्र (28 सितंबर – 10 अक्टूबर)
पंचांग के पांच अंग

इस दिन के पंचांग अंग

🌙
तिथि

नवमी

कृष्ण
अवधि: 2 नवंबर, दोपहर 01:11 से 3 नवंबर, प्रातः 11:55 तक
तत्पश्चात दशमी: 3 नवंबर, प्रातः 11:55 से 4 नवंबर, प्रातः 11:04 तक
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नक्षत्र

मघा

अवधि: 3 नवंबर, प्रातः 04:24 से 4 नवंबर, प्रातः 04:05 तक
तत्पश्चात पूर्वा फाल्गुनी: 4 नवंबर, प्रातः 04:05 से 5 नवंबर, प्रातः 04:09 तक
☀️ सूर्य नक्षत्र: स्वाति
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योग

शुक्ल

सूर्य-चंद्र
अवधि: 2 नवंबर, दोपहर 01:16 से 3 नवंबर, प्रातः 11:04 तक
तत्पश्चात ब्रह्म: 3 नवंबर, प्रातः 11:04 से 4 नवंबर, प्रातः 09:12 तक
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करण

गरज

आधी तिथि
अवधि: रात्रि 12:30 से प्रातः 11:55 तक
तत्पश्चात वणिज: प्रातः 11:55 से रात्रि 11:26 तक
📅
वार

मंगलवार

सौर दिवस
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
✨ शुभ मुहूर्त एवं मांगलिक कार्य

शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता

विवाह मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र
गृह प्रवेश मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या)
वाहन क्रय मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या)
संपत्ति / भूमि क्रय मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र
नामकरण संस्कार मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या)
⚠️ अशुभ काल समय

शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है

राहु काल सर्वाधिक अशुभ

दोपहर 02:50 – सायं 04:12

यमगण्ड वर्जित

प्रातः 10:42 – दोपहर 12:05

गुलिक काल शनि प्रभाव

दोपहर 01:27 – 02:50

🪔 वैदिक अनुष्ठान एवं पूजन

दिल्ली एनसीआर में 3 नवंबर को पूजा की योजना?

गृह प्रवेश, सत्यनारायण कथा, विवाह संस्कार एवं शांति हवन हेतु प्रमाणित वैदिक पंडितों से सीधा संपर्क करें।

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पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?

पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।

🌙

1. तिथि

चंद्र दिवस

सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।

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2. नक्षत्र

तारामंडल

चंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।

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3. योग

सूर्य-चंद्र योग

सूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।

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4. करण

आधी तिथि

एक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।

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5. वार

सप्ताह का दिन

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।