1 नवंबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार
त्वरित उत्तर: 1 नवंबर 2026 को रविवार है। तिथि: कृष्ण सप्तमी (31 अक्टूबर, सायं 04:58 से 1 नवंबर, दोपहर 02:52 तक)। नक्षत्र: पुष्य। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:43 से दोपहर 12:27 तक। राहुकाल: सायं 04:14 से 05:36 तक।
दिल्ली एनसीआर • 1 नवंबर 2026 (रविवार) कृष्ण सप्तमी
नवंबर 2026
1 नवंबर 2026 (रविवार)
दिल्ली एनसीआर का पंचांग • कृष्ण सप्तमी
स्वाति · पाद 3 (सूर्य कन्या राशि में)
अहोई अष्टमी
कार्तिक कृष्ण अष्टमी। माताओं द्वारा संतान की रक्षा और दीर्घायु हेतु निर्जला व्रत; सायंकाल तारों को अर्घ्य देकर पारण।
इस दिन के पंचांग अंग
सप्तमी
पुष्य
साध्य
बव
रविवार
शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता
शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है
सायं 04:14 – 05:36
दोपहर 01:28 – 02:51
प्रातः 06:34 – 07:56
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पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?
पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।
1. तिथि
चंद्र दिवससूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।
2. नक्षत्र
तारामंडलचंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।
3. योग
सूर्य-चंद्र योगसूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।
4. करण
आधी तिथिएक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।
5. वार
सप्ताह का दिनसूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।