31 अक्टूबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार
त्वरित उत्तर: 31 अक्टूबर 2026 को शनिवार है। तिथि: कृष्ण षष्ठी (30 अक्टूबर, सायं 07:25 से 31 अक्टूबर, सायं 04:58 तक)। नक्षत्र: आर्द्रा। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:43 से दोपहर 12:27 तक। राहुकाल: प्रातः 09:19 से 10:42 तक।
दिल्ली एनसीआर • 31 अक्टूबर 2026 (शनिवार) कृष्ण षष्ठी
अक्टूबर 2026
31 अक्टूबर 2026 (शनिवार)
दिल्ली एनसीआर का पंचांग • कृष्ण षष्ठी
स्वाति · पाद 4 (सूर्य कन्या राशि में)
इस दिन के पंचांग अंग
षष्ठी
आर्द्रा
सिद्ध
वणिज
शनिवार
शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता
शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है
प्रातः 09:19 – 10:42
दोपहर 02:51 – सायं 04:14
प्रातः 07:56 – 09:19
दिल्ली एनसीआर में 31 अक्टूबर को पूजा की योजना?
गृह प्रवेश, सत्यनारायण कथा, विवाह संस्कार एवं शांति हवन हेतु प्रमाणित वैदिक पंडितों से सीधा संपर्क करें।
पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?
पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।
1. तिथि
चंद्र दिवससूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।
2. नक्षत्र
तारामंडलचंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।
3. योग
सूर्य-चंद्र योगसूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।
4. करण
आधी तिथिएक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।
5. वार
सप्ताह का दिनसूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।