🕉️ खगोलीय रूप से सटीक पंचांग

29 अक्टूबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार

त्वरित उत्तर: 29 अक्टूबर 2026 को गुरुवार है। तिथि: कृष्ण चतुर्थी (रात्रि 01:07 से रात्रि 10:11 तक)। नक्षत्र: रोहिणी। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:43 से दोपहर 12:27 तक। राहुकाल: दोपहर 01:29 से 02:52 तक।

दिल्ली एनसीआर • 29 अक्टूबर 2026 (गुरुवार)

🔱 विक्रम संवत 2083 • कार्तिक कृष्ण चतुर्थी
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माह दृश्य

अक्टूबर 2026

रवि सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि
त्योहार एकादशी पूर्णिमा अमावस्या
📅 चयनित दिन विवरण

29 अक्टूबर 2026 (गुरुवार)

दिल्ली एनसीआर का पंचांग • कृष्ण चतुर्थी

🕉️ विक्रम संवत 2083 • कार्तिक कृष्ण चतुर्थी
🌅 सूर्योदय
प्रातः 06:31
🌇 सूर्यास्त
सायं 05:39
✨ अभिजित
प्रातः 11:43 – दोपहर 12:27
⚠️ राहु काल
दोपहर 01:29 – 02:52
☀️
वर्तमान सूर्य नक्षत्र (कृषि व वर्षा)

स्वाति · पाद 3 (सूर्य कन्या राशि में)

धान व फसल वर्षा का मुख्य नक्षत्र (28 सितंबर – 10 अक्टूबर)
🎉 आज के पर्व एवं व्रत
महोत्सव

करवा चौथ (करक चतुर्थी)

कार्तिक कृष्ण चतुर्थी। सुहागिन महिलाओं द्वारा पति की दीर्घायु हेतु रखा जाने वाला निर्जला व्रत, चंद्र दर्शन उपरांत पारण।

📌 नैमित्तिक व्रत व्रतारम्भ: परंपरा-सापेक्ष
व्रत

करवा चौथ

सुहागिन महिलाओं द्वारा पति की दीर्घायु, स्वास्थ्य एवं सौभाग्य की कामना के लिए सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत।

📌 नैमित्तिक व्रत व्रतारम्भ: परंपरा-सापेक्ष
व्रत

संकष्टी चतुर्थी

कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को भगवान श्री गणेश के संकटमोचन रूप की आराधना एवं चंद्र दर्शन के बाद व्रत पारण।

📌 नैमित्तिक व्रत व्रतारम्भ: परंपरा-सापेक्ष
पंचांग के पांच अंग

इस दिन के पंचांग अंग

🌙
तिथि

चतुर्थी

कृष्ण
अवधि: रात्रि 01:07 से रात्रि 10:11 तक
तत्पश्चात पंचमी: 29 अक्टूबर, रात्रि 10:11 से 30 अक्टूबर, सायं 07:25 तक
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नक्षत्र

रोहिणी

अवधि: 28 अक्टूबर, दोपहर 02:01 से 29 अक्टूबर, प्रातः 11:47 तक
तत्पश्चात मृगशिरा: 29 अक्टूबर, प्रातः 11:47 से 30 अक्टूबर, प्रातः 09:40 तक
☀️ सूर्य नक्षत्र: स्वाति
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योग

परिघ

सूर्य-चंद्र
अवधि: 29 अक्टूबर, प्रातः 04:46 से 30 अक्टूबर, रात्रि 01:12 तक
तत्पश्चात शिव: 30 अक्टूबर, रात्रि 01:12 से 30 अक्टूबर, रात्रि 09:48 तक
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करण

बव

आधी तिथि
अवधि: रात्रि 01:07 से प्रातः 11:38 तक
तत्पश्चात बालव: प्रातः 11:38 से रात्रि 10:11 तक
📅
वार

गुरुवार

सौर दिवस
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
✨ शुभ मुहूर्त एवं मांगलिक कार्य

शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता

विवाह मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अनुकूल वार (दिन) • अशुभ योग
गृह प्रवेश मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अनुकूल वार (दिन)
वाहन क्रय मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अनुकूल वार (दिन)
संपत्ति / भूमि क्रय मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अनुकूल वार (दिन)
नामकरण संस्कार मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अनुकूल वार (दिन)
⚠️ अशुभ काल समय

शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है

राहु काल सर्वाधिक अशुभ

दोपहर 01:29 – 02:52

यमगण्ड वर्जित

प्रातः 07:55 – 09:18

गुलिक काल शनि प्रभाव

प्रातः 10:42 – दोपहर 12:05

🪔 वैदिक अनुष्ठान एवं पूजन

दिल्ली एनसीआर में 29 अक्टूबर को पूजा की योजना?

गृह प्रवेश, सत्यनारायण कथा, विवाह संस्कार एवं शांति हवन हेतु प्रमाणित वैदिक पंडितों से सीधा संपर्क करें।

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पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?

पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।

🌙

1. तिथि

चंद्र दिवस

सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।

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2. नक्षत्र

तारामंडल

चंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।

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3. योग

सूर्य-चंद्र योग

सूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।

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4. करण

आधी तिथि

एक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।

📅

5. वार

सप्ताह का दिन

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।