29 अक्टूबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार
त्वरित उत्तर: 29 अक्टूबर 2026 को गुरुवार है। तिथि: कृष्ण चतुर्थी (रात्रि 01:07 से रात्रि 10:11 तक)। नक्षत्र: रोहिणी। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:43 से दोपहर 12:27 तक। राहुकाल: दोपहर 01:29 से 02:52 तक।
दिल्ली एनसीआर • 29 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) कृष्ण चतुर्थी
अक्टूबर 2026
29 अक्टूबर 2026 (गुरुवार)
दिल्ली एनसीआर का पंचांग • कृष्ण चतुर्थी
स्वाति · पाद 3 (सूर्य कन्या राशि में)
करवा चौथ (करक चतुर्थी)
कार्तिक कृष्ण चतुर्थी। सुहागिन महिलाओं द्वारा पति की दीर्घायु हेतु रखा जाने वाला निर्जला व्रत, चंद्र दर्शन उपरांत पारण।
करवा चौथ
सुहागिन महिलाओं द्वारा पति की दीर्घायु, स्वास्थ्य एवं सौभाग्य की कामना के लिए सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत।
संकष्टी चतुर्थी
कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को भगवान श्री गणेश के संकटमोचन रूप की आराधना एवं चंद्र दर्शन के बाद व्रत पारण।
इस दिन के पंचांग अंग
चतुर्थी
रोहिणी
परिघ
बव
गुरुवार
शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता
शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है
दोपहर 01:29 – 02:52
प्रातः 07:55 – 09:18
प्रातः 10:42 – दोपहर 12:05
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पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?
पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।
1. तिथि
चंद्र दिवससूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।
2. नक्षत्र
तारामंडलचंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।
3. योग
सूर्य-चंद्र योगसूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।
4. करण
आधी तिथिएक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।
5. वार
सप्ताह का दिनसूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।