🕉️ खगोलीय रूप से सटीक पंचांग

26 अक्टूबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार

त्वरित उत्तर: 26 अक्टूबर 2026 को सोमवार है। तिथि: शुक्ल पूर्णिमा (25 अक्टूबर, प्रातः 11:57 से 26 अक्टूबर, प्रातः 09:42 तक)। नक्षत्र: अश्विनी। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:43 से दोपहर 12:28 तक। राहुकाल: प्रातः 07:53 से 09:17 तक।

दिल्ली एनसीआर • 26 अक्टूबर 2026 (सोमवार)

🔱 विक्रम संवत 2083 • आश्विन शुक्ल पूर्णिमा
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माह दृश्य

अक्टूबर 2026

रवि सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि
त्योहार एकादशी पूर्णिमा अमावस्या
📅 चयनित दिन विवरण

26 अक्टूबर 2026 (सोमवार)

दिल्ली एनसीआर का पंचांग • शुक्ल पूर्णिमा

🕉️ विक्रम संवत 2083 • आश्विन शुक्ल पूर्णिमा
🌅 सूर्योदय
प्रातः 06:29
🌇 सूर्यास्त
सायं 05:41
✨ अभिजित
प्रातः 11:43 – दोपहर 12:28
⚠️ राहु काल
प्रातः 07:53 – 09:17
☀️
वर्तमान सूर्य नक्षत्र (कृषि व वर्षा)

स्वाति · पाद 2 (सूर्य कन्या राशि में)

धान व फसल वर्षा का मुख्य नक्षत्र (28 सितंबर – 10 अक्टूबर)
🎉 आज के पर्व एवं व्रत
महोत्सव

शरद पूर्णिमा (कोजागरी पूर्णिमा)

आश्विन पूर्णिमा। चंद्रमा सोलह कलाओं से युक्त होकर अमृत वर्षा करते हैं; खीर प्रसाद एवं माँ महालक्ष्मी का कोजागरी पूजन।

📌 नैमित्तिक व्रत व्रतारम्भ: विहित
व्रत

पूर्णिमा व्रत (श्री सत्यनारायण पूजा)

पूर्ण चंद्र का पावन दिन। भगवान श्री सत्यनारायण जी का व्रत, कथा एवं प्रसाद वितरण से घर में सुख-शांति का वास।

📌 नैमित्तिक व्रत व्रतारम्भ: परंपरा-सापेक्ष
पंचांग के पांच अंग

इस दिन के पंचांग अंग

🌙
तिथि

पूर्णिमा

शुक्ल
अवधि: 25 अक्टूबर, प्रातः 11:57 से 26 अक्टूबर, प्रातः 09:42 तक
तत्पश्चात प्रतिपदा: 26 अक्टूबर, प्रातः 09:42 से 27 अक्टूबर, प्रातः 07:02 तक
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नक्षत्र

अश्विनी

अवधि: 25 अक्टूबर, सायं 07:58 से 26 अक्टूबर, सायं 06:17 तक
तत्पश्चात भरणी: 26 अक्टूबर, सायं 06:17 से 27 अक्टूबर, सायं 04:14 तक
☀️ सूर्य नक्षत्र: स्वाति
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योग

वज्र

सूर्य-चंद्र
अवधि: 25 अक्टूबर, सायं 06:29 से 26 अक्टूबर, दोपहर 03:23 तक
तत्पश्चात सिद्धि: 26 अक्टूबर, दोपहर 03:23 से 27 अक्टूबर, प्रातः 11:59 तक
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करण

बव

आधी तिथि
अवधि: 25 अक्टूबर, रात्रि 10:53 से 26 अक्टूबर, प्रातः 09:42 तक
तत्पश्चात बालव: प्रातः 09:42 से रात्रि 08:24 तक
📅
वार

सोमवार

सौर दिवस
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
✨ शुभ मुहूर्त एवं मांगलिक कार्य

शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता

विवाह मुहूर्त सामान्य
अनुकूल वार (दिन) • अशुभ योग
गृह प्रवेश मुहूर्त सामान्य
अनुकूल वार (दिन) • अशुभ योग
वाहन क्रय मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अनुकूल वार (दिन)
संपत्ति / भूमि क्रय मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि
नामकरण संस्कार मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अनुकूल वार (दिन)
⚠️ अशुभ काल समय

शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है

राहु काल सर्वाधिक अशुभ

प्रातः 07:53 – 09:17

यमगण्ड वर्जित

दोपहर 12:05 – 01:29

गुलिक काल शनि प्रभाव

दोपहर 02:53 – सायं 04:17

🪔 वैदिक अनुष्ठान एवं पूजन

दिल्ली एनसीआर में 26 अक्टूबर को पूजा की योजना?

गृह प्रवेश, सत्यनारायण कथा, विवाह संस्कार एवं शांति हवन हेतु प्रमाणित वैदिक पंडितों से सीधा संपर्क करें।

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पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?

पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।

🌙

1. तिथि

चंद्र दिवस

सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।

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2. नक्षत्र

तारामंडल

चंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।

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3. योग

सूर्य-चंद्र योग

सूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।

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4. करण

आधी तिथि

एक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।

📅

5. वार

सप्ताह का दिन

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।