🕉️ खगोलीय रूप से सटीक पंचांग

22 अक्टूबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार

त्वरित उत्तर: 22 अक्टूबर 2026 को गुरुवार है। तिथि: शुक्ल एकादशी (21 अक्टूबर, दोपहर 02:12 से 22 अक्टूबर, दोपहर 02:49 तक)। नक्षत्र: शतभिषा। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:43 से दोपहर 12:29 तक। राहुकाल: दोपहर 01:31 से 02:56 तक।

दिल्ली एनसीआर • 22 अक्टूबर 2026 (गुरुवार)

🔱 विक्रम संवत 2083 • आश्विन शुक्ल एकादशी
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माह दृश्य

अक्टूबर 2026

रवि सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि
त्योहार एकादशी पूर्णिमा अमावस्या
📅 चयनित दिन विवरण

22 अक्टूबर 2026 (गुरुवार)

दिल्ली एनसीआर का पंचांग • शुक्ल एकादशी

🕉️ विक्रम संवत 2083 • आश्विन शुक्ल एकादशी
🌅 सूर्योदय
प्रातः 06:27
🌇 सूर्यास्त
सायं 05:45
✨ अभिजित
प्रातः 11:43 – दोपहर 12:29
⚠️ राहु काल
दोपहर 01:31 – 02:56
☀️
वर्तमान सूर्य नक्षत्र (कृषि व वर्षा)

स्वाति · पाद 1 (सूर्य कन्या राशि में)

धान व फसल वर्षा का मुख्य नक्षत्र (28 सितंबर – 10 अक्टूबर)
🎉 आज के पर्व एवं व्रत
एकादशी

पापांकुशा एकादशी

आश्विन शुक्ल एकादशी। मन के विकारों एवं पापों पर अंकुश लगाने वाली तथा सद्गति प्रदान करने वाली एकादशी।

📌 नैमित्तिक व्रत व्रतारम्भ: परंपरा-सापेक्ष
एकादशी

एकादशी व्रत

प्रत्येक मास के दोनों पक्षों (शुक्ल व कृष्ण) की एकादशी तिथि को भगवान श्री हरि विष्णु की आराधना का पवित्र व्रत।

📌 नैमित्तिक व्रत व्रतारम्भ: परंपरा-सापेक्ष
पंचांग के पांच अंग

इस दिन के पंचांग अंग

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तिथि

एकादशी

शुक्ल
अवधि: 21 अक्टूबर, दोपहर 02:12 से 22 अक्टूबर, दोपहर 02:49 तक
तत्पश्चात द्वादशी: 22 अक्टूबर, दोपहर 02:49 से 23 अक्टूबर, दोपहर 02:36 तक
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नक्षत्र

शतभिषा

अवधि: 21 अक्टूबर, रात्रि 08:29 से 22 अक्टूबर, रात्रि 09:29 तक
तत्पश्चात पूर्वाभाद्रपद: 22 अक्टूबर, रात्रि 09:29 से 23 अक्टूबर, रात्रि 09:41 तक
☀️ सूर्य नक्षत्र: स्वाति
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योग

वृद्धि

सूर्य-चंद्र
अवधि: 22 अक्टूबर, रात्रि 01:48 से 23 अक्टूबर, रात्रि 12:53 तक
तत्पश्चात ध्रुव: 23 अक्टूबर, रात्रि 12:53 से 23 अक्टूबर, रात्रि 11:19 तक
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करण

विष्टि

आधी तिथि
अवधि: रात्रि 02:36 से दोपहर 02:49 तक
तत्पश्चात बव: 22 अक्टूबर, दोपहर 02:49 से 23 अक्टूबर, रात्रि 02:49 तक
📅
वार

गुरुवार

सौर दिवस
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
✨ शुभ मुहूर्त एवं मांगलिक कार्य

शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता

विवाह मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि • अनुकूल वार (दिन)
गृह प्रवेश मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि • अनुकूल वार (दिन)
वाहन क्रय मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अनुकूल वार (दिन)
संपत्ति / भूमि क्रय मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि • अनुकूल वार (दिन)
नामकरण संस्कार मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अनुकूल वार (दिन)
⚠️ अशुभ काल समय

शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है

राहु काल सर्वाधिक अशुभ

दोपहर 01:31 – 02:56

यमगण्ड वर्जित

प्रातः 07:51 – 09:16

गुलिक काल शनि प्रभाव

प्रातः 10:41 – दोपहर 12:06

🪔 वैदिक अनुष्ठान एवं पूजन

दिल्ली एनसीआर में 22 अक्टूबर को पूजा की योजना?

गृह प्रवेश, सत्यनारायण कथा, विवाह संस्कार एवं शांति हवन हेतु प्रमाणित वैदिक पंडितों से सीधा संपर्क करें।

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पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?

पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।

🌙

1. तिथि

चंद्र दिवस

सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।

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2. नक्षत्र

तारामंडल

चंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।

🕉️

3. योग

सूर्य-चंद्र योग

सूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।

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4. करण

आधी तिथि

एक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।

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5. वार

सप्ताह का दिन

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।