🕉️ खगोलीय रूप से सटीक पंचांग

20 अक्टूबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार

त्वरित उत्तर: 20 अक्टूबर 2026 को मंगलवार है। तिथि: शुक्ल नवमी (19 अक्टूबर, प्रातः 10:52 से 20 अक्टूबर, दोपहर 12:51 तक)। नक्षत्र: श्रवण। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:44 से दोपहर 12:29 तक। राहुकाल: दोपहर 02:57 से सायं 04:22 तक।

दिल्ली एनसीआर • 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार)

🔱 विक्रम संवत 2083 • आश्विन शुक्ल नवमी
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माह दृश्य

अक्टूबर 2026

रवि सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि
त्योहार एकादशी पूर्णिमा अमावस्या
📅 चयनित दिन विवरण

20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार)

दिल्ली एनसीआर का पंचांग • शुक्ल नवमी

🕉️ विक्रम संवत 2083 • आश्विन शुक्ल नवमी
🌅 सूर्योदय
प्रातः 06:25
🌇 सूर्यास्त
सायं 05:47
✨ अभिजित
प्रातः 11:44 – दोपहर 12:29
⚠️ राहु काल
दोपहर 02:57 – सायं 04:22
☀️
वर्तमान सूर्य नक्षत्र (कृषि व वर्षा)

चित्रा · पाद 4 (सूर्य कन्या राशि में)

धान व फसल वर्षा का मुख्य नक्षत्र (28 सितंबर – 10 अक्टूबर)
🎉 आज के पर्व एवं व्रत
महोत्सव

महानवमी (दुर्गा नवमी)

आश्विन शुक्ल नवमी। समस्त सिद्धियों को देने वाली माँ सिद्धिदात्री की आराधना, नवचंडी हवन एवं पूर्णाहुति।

📌 नैमित्तिक व्रत व्रतारम्भ: विहित
पंचांग के पांच अंग

इस दिन के पंचांग अंग

🌙
तिथि

नवमी

शुक्ल
अवधि: 19 अक्टूबर, प्रातः 10:52 से 20 अक्टूबर, दोपहर 12:51 तक
तत्पश्चात दशमी: 20 अक्टूबर, दोपहर 12:51 से 21 अक्टूबर, दोपहर 02:12 तक
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नक्षत्र

श्रवण

अवधि: 19 अक्टूबर, सायं 04:21 से 20 अक्टूबर, सायं 06:44 तक
तत्पश्चात धनिष्ठा: 20 अक्टूबर, सायं 06:44 से 21 अक्टूबर, रात्रि 08:29 तक
☀️ सूर्य नक्षत्र: चित्रा
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योग

Shula

सूर्य-चंद्र
अवधि: 20 अक्टूबर, रात्रि 01:53 से 21 अक्टूबर, रात्रि 02:07 तक
तत्पश्चात गण्ड: 21 अक्टूबर, रात्रि 02:07 से 22 अक्टूबर, रात्रि 01:48 तक
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करण

कौलव

आधी तिथि
अवधि: 19 अक्टूबर, रात्रि 11:56 से 20 अक्टूबर, दोपहर 12:51 तक
तत्पश्चात तैतिल: 20 अक्टूबर, दोपहर 12:51 से 21 अक्टूबर, रात्रि 01:37 तक
📅
वार

मंगलवार

सौर दिवस
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
✨ शुभ मुहूर्त एवं मांगलिक कार्य

शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता

विवाह मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • अशुभ योग
गृह प्रवेश मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • अशुभ योग
वाहन क्रय मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अशुभ योग
संपत्ति / भूमि क्रय मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अशुभ योग
नामकरण संस्कार मुहूर्त सामान्य
अशुभ तिथि (रिक्ता/अमावस्या) • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र • अशुभ योग
⚠️ अशुभ काल समय

शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है

राहु काल सर्वाधिक अशुभ

दोपहर 02:57 – सायं 04:22

यमगण्ड वर्जित

प्रातः 10:41 – दोपहर 12:06

गुलिक काल शनि प्रभाव

दोपहर 01:31 – 02:57

🪔 वैदिक अनुष्ठान एवं पूजन

दिल्ली एनसीआर में 20 अक्टूबर को पूजा की योजना?

गृह प्रवेश, सत्यनारायण कथा, विवाह संस्कार एवं शांति हवन हेतु प्रमाणित वैदिक पंडितों से सीधा संपर्क करें।

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पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?

पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।

🌙

1. तिथि

चंद्र दिवस

सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।

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2. नक्षत्र

तारामंडल

चंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।

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3. योग

सूर्य-चंद्र योग

सूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।

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4. करण

आधी तिथि

एक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।

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5. वार

सप्ताह का दिन

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।