🕉️ खगोलीय रूप से सटीक पंचांग

18 अक्टूबर 2026 का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, वार

त्वरित उत्तर: 18 अक्टूबर 2026 को रविवार है। तिथि: शुक्ल सप्तमी (17 अक्टूबर, प्रातः 05:55 से 18 अक्टूबर, प्रातः 08:29 तक)। नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा। अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:44 से दोपहर 12:29 तक। राहुकाल: सायं 04:23 से 05:49 तक।

दिल्ली एनसीआर • 18 अक्टूबर 2026 (रविवार)

🔱 विक्रम संवत 2083 • आश्विन शुक्ल सप्तमी
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माह दृश्य

अक्टूबर 2026

रवि सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि
त्योहार एकादशी पूर्णिमा अमावस्या
📅 चयनित दिन विवरण

18 अक्टूबर 2026 (रविवार)

दिल्ली एनसीआर का पंचांग • शुक्ल सप्तमी

🕉️ विक्रम संवत 2083 • आश्विन शुक्ल सप्तमी
🌅 सूर्योदय
प्रातः 06:24
🌇 सूर्यास्त
सायं 05:49
✨ अभिजित
प्रातः 11:44 – दोपहर 12:29
⚠️ राहु काल
सायं 04:23 – 05:49
☀️
वर्तमान सूर्य नक्षत्र (कृषि व वर्षा)

चित्रा · पाद 4 (सूर्य कन्या राशि में)

धान व फसल वर्षा का मुख्य नक्षत्र (28 सितंबर – 10 अक्टूबर)
पंचांग के पांच अंग

इस दिन के पंचांग अंग

🌙
तिथि

सप्तमी

शुक्ल
अवधि: 17 अक्टूबर, प्रातः 05:55 से 18 अक्टूबर, प्रातः 08:29 तक
तत्पश्चात अष्टमी: 18 अक्टूबर, प्रातः 08:29 से 19 अक्टूबर, प्रातः 10:52 तक
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नक्षत्र

पूर्वाषाढ़ा

अवधि: 17 अक्टूबर, प्रातः 10:30 से 18 अक्टूबर, दोपहर 01:32 तक
तत्पश्चात उत्तराषाढ़ा: 18 अक्टूबर, दोपहर 01:32 से 19 अक्टूबर, सायं 04:21 तक
☀️ सूर्य नक्षत्र: चित्रा
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योग

सुकर्मा

सूर्य-चंद्र
अवधि: 18 अक्टूबर, रात्रि 12:22 से 19 अक्टूबर, रात्रि 01:15 तक
तत्पश्चात धृति: 19 अक्टूबर, रात्रि 01:15 से 20 अक्टूबर, रात्रि 01:53 तक
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करण

वणिज

आधी तिथि
अवधि: 17 अक्टूबर, सायं 07:12 से 18 अक्टूबर, प्रातः 08:29 तक
तत्पश्चात विष्टि: प्रातः 08:29 से रात्रि 09:43 तक
📅
वार

रविवार

सौर दिवस
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
✨ शुभ मुहूर्त एवं मांगलिक कार्य

शास्त्रीय ज्योतिष के अनुसार प्रमुख संस्कारों हेतु आज की मुहूर्त अनुकूलता

विवाह मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि
गृह प्रवेश मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि
वाहन क्रय मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि • अनुकूल वार (दिन)
संपत्ति / भूमि क्रय मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि • शुभ एवं मंगलकारी नक्षत्र
नामकरण संस्कार मुहूर्त अनुकूल
शुभ एवं अनुकूल तिथि
⚠️ अशुभ काल समय

शुभ कार्यों के शुभारम्भ हेतु इन कालों को वर्जित माना गया है

राहु काल सर्वाधिक अशुभ

सायं 04:23 – 05:49

यमगण्ड वर्जित

दोपहर 01:32 – 02:58

गुलिक काल शनि प्रभाव

प्रातः 06:24 – 07:50

🪔 वैदिक अनुष्ठान एवं पूजन

दिल्ली एनसीआर में 18 अक्टूबर को पूजा की योजना?

गृह प्रवेश, सत्यनारायण कथा, विवाह संस्कार एवं शांति हवन हेतु प्रमाणित वैदिक पंडितों से सीधा संपर्क करें।

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पंचांग के पांच प्रमुख अंग क्या हैं?

पंचांग का शाब्दिक अर्थ है 'पांच अंग'। वैदिक काल-गणना में ये पांच खगोलीय आधार प्रत्येक क्षण की शुभता एवं ऊर्जा का निर्धारण करते हैं।

🌙

1. तिथि

चंद्र दिवस

सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12 अंश की कोणीय दूरी। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं।

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2. नक्षत्र

तारामंडल

चंद्रमा द्वारा पार किए जाने वाले 27 तारामंडल (प्रत्येक 13°20')।

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3. योग

सूर्य-चंद्र योग

सूर्य और चंद्र के भोगांशों का योग, जो 27 भागों में विभाजित है।

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4. करण

आधी तिथि

एक तिथि का आधा भाग (6 अंश)। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)।

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5. वार

सप्ताह का दिन

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का सौर दिवस, जिसके अधिपति नवग्रह होते हैं।